भारतीय कॉर्पोरेट जगत के सबसे बड़े इवेंट्स में से एक, रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक में इस बार भविष्य की तकनीक और बड़े विस्तार की स्पष्ट झलक देखने को मिली है। रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी अगली पीढ़ी की लीडरशिप ने टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सैटेलाइट कनेक्टिविटी, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी को लेकर कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। शेयर बाजार के निवेशकों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक, हर किसी की नजर इस एजीएम पर टिकी थी। आइए, एक बिजनेस जर्नलिस्ट के नजरिए से आसान और बोलचाल की भाषा में समझते हैं रिलायंस एजीएम 2026 से जुड़ी 10 सबसे बड़ी और अहम बातें, जो आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था और डिजिटल परिदृश्य को पूरी तरह से बदल सकती हैं।
रिलायंस एजीएम 2026 की 10 बड़ी बातें
1. जियो का मेगा आईपीओ लॉन्च के लिए तैयार
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर जियो प्लेटफार्म्स के आईपीओ को मिली मंजूरी है। मुकेश अंबानी ने घोषणा की है कि जियो के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) को अपनी मंजूरी दे दी है और इसे आज ही बाजार नियामक सेबी के पास फाइल कर दिया जाएगा। इस आईपीओ के तहत 27 करोड़ नए शेयर बाजार में उतारे जाएंगे। मुकेश अंबानी ने इसे रिलायंस परिवार और लाखों शेयरधारकों के लिए एक बेहद ‘भावुक पल’ बताया।
2. जियो के अगले चरण की कमान नई पीढ़ी के हाथों में
रिलायंस ने लीडरशिप ट्रांजिशन (नेतृत्व परिवर्तन) को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि अब ईशा, आकाश और अनंत अंबानी मिलकर जियो के अगले विकास चरण का नेतृत्व करेंगे।
3. अब आसमान से मिलेगा इंटरनेट
जमीन पर भारत को कनेक्ट करने के बाद अब जियो आसमान से इंटरनेट सेवाएं देने की तैयारी में है। आकाश अंबानी ने बताया कि जियो भारत के लिए अपना ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ (एलईओ) सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की योजना बना रहा है। कंपनी भारत में अपना खुद का ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर रही है, ताकि दूर-दराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जा सके।
4. जामनगर में बन रहा है भारत का अपना स्वदेशी एआई
रिलायंस इंटेलिजेंस अब जामनगर में भारत का ‘सॉवरेन एआई बैकबोन’ यानी अपना खुद का एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए एआई सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाना है, ताकि एआई की इकॉनमी में बड़ा बदलाव लाया जा सके।
5. 22 भारतीय भाषाओं में मिलेगी एआई सेवाई
रिलायंस विदेशी अंग्रेजी एआई मॉडल्स पर निर्भर रहने के बजाय भारत के लिए खास एआई बना रहा है। आकाश अंबानी ने बताया कि जियो भारत आईक्यू, एआई व्यापार और जियो हेल्थ आईक्यू जैसे प्लेटफॉर्म 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे। आकाश अंबानी ने जोर देकर कहा कि, “भारत का एआई भारतीय भाषा में बोलेगा और भारत की तस्वीर बदलेगा”।



