Homeव्यवसायReport: भारत के साथ रिश्ते मजबूत करना चाहता है ताइवान, रिपोर्ट में...

Report: भारत के साथ रिश्ते मजबूत करना चाहता है ताइवान, रिपोर्ट में दावा- व्यापार से दोनों देशों को फायदा


ताइवान भारत के लिए मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और कृषि क्षेत्र में एक मजबूत रणनीतिक साझेदार बन सकता है। ताइवान न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि ताइवान के विशाल विदेशी मुद्रा भंडार, हार्डवेयर निर्माण क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक्स, खनन खोज और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अनुभव का लाभ भारत अपनी प्रमुख योजनाओं मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया के तहत उठा सकता है।

आर्थिक रिश्तों को मिल सकती है नई दिशा

रिपोर्ट के अनुसार, भारत और ताइवान की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। भारत जहां सॉफ्टवेयर, आईटी सेवाओं और कुशल मानव संसाधन में मजबूत है, वहीं ताइवान हार्डवेयर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और उच्च स्तरीय विनिर्माण में अग्रणी है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहयोग से आर्थिक रिश्तों को नई दिशा मिल सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का विशाल उपभोक्ता बाजार ताइवान के लिए बड़ा अवसर बन सकता है। इससे ताइवान को चीन पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है, खासकर ऐसे समय में जब चीन के साथ तनाव लगातार बढ़ रहा है।

कृषि तकनीक भारत के कृषि क्षेत्र के लिए भी उपोयगी

ताइवान की आधुनिक कृषि तकनीक भारत के कृषि क्षेत्र के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। स्मार्ट फार्मिंग, बेहतर बीज तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग से भारतीय किसानों की आय और उत्पादकता दोनों बढ़ सकती हैं।

दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए

भारत और ताइवान के बीच आर्थिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ा है और निवेश के नए अवसर भी सामने आए हैं। ताइवान के भारत स्थित प्रतिनिधि मुमिन चेन  और भारत के महानिदेशक निनाद देशपांडे  द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।



हाल ही में भारतीय उद्योग परिसंघ  (CII) का प्रतिनिधिमंडल ताइपे  गया, जहां ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट मोबिलिटी सेक्टर में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान सप्लाई चेन को मजबूत करने और संयुक्त विनिर्माण साझेदारी पर जोर दिया गया।



2024 में ऑर्गेनिक उत्पादों को लेकर हुए पारस्परिक मान्यता समझौते से कृषि और व्यापार क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिली है। इसके अलावा ताइवान बाह्य व्यापार विकास परिषद और ताइपे कंप्यूटर एसोसिएशन  ने मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बंगलूरू में कार्यालय खोलकर व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।



रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत और ताइवान को बाहरी दबावों से ऊपर उठकर अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहिए। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भविष्य में व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई दे सकता है।





Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments