केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संकेत दिया कि विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदम सिर्फ शुरुआत हैं और आने वाले समय में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए और भी उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक हालात के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था पर कच्चे माल, कच्चे तेल और उर्वरकों के आयात का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार को पहले से तैयार रहना होगा।
बॉन्ड मार्केट बनेगा विदेशी निवेश का बड़ा केंद्र
माइंडमाइन समिट 2026 को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक के विश्लेषण से यह सामने आया है कि भारतीय बॉन्ड बाजार विदेशी पूंजी को आकर्षित करने का एक मजबूत माध्यम बन सकता है। इसी दिशा में सरकार ने 5 जून को फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की सूची का विस्तार किया, जिससे सरकारी बॉन्ड में भी विदेशी निवेशकों की भागीदारी आसान हो सके। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश से होने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर आयकर छूट भी दी गई है।