भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 17 अगस्त को गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 334.97 अंक टूटकर 77,674.28 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 76.05 अंक गिरकर 24,289.95 के स्तर पर पहुंच गया।
इससे पहले शुक्रवार (14 अगस्त) को भी भारतीय इक्विटी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। निवेशकों को ऊर्जा कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड पर अधिक स्पष्टता का इंतजार था। एनएसई निफ्टी50 29.85 अंक या 0.12 फीसदी गिरकर 24,366 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 70.71 अंक या 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ 78,009.25 पर बंद हुआ। आज के शुरुआती कारोबार में बजाज फिनसर्व और एचयूएल शीर्ष नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे। यह लगातार दूसरा कारोबारी दिन है जब बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिख रहा है।
बाजार में गिरावट का क्या कारण है?
शुक्रवार को बाजार में गिरावट का मुख्य कारण ऊर्जा कीमतों पर स्पष्टता का इंतजार था। वैश्विक बॉन्ड यील्ड को लेकर भी निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई थी। आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव देखा गया। इन प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने इन क्षेत्रों से अपनी पूंजी निकालना उचित समझा।
किन क्षेत्रों में दिखी मजबूती?
ऑटो, मीडिया, फार्मा, हेल्थकेयर और मेटल जैसे क्षेत्रों ने सापेक्ष मजबूती दिखाई। इन क्षेत्रों के शेयरों में निवेशकों की कुछ दिलचस्पी बनी रही। हालांकि, व्यापक बाजार की धारणा कुल मिलाकर मिश्रित बनी हुई थी। कुछ क्षेत्रों में तेजी और कुछ में गिरावट का रुख रहा। यह दर्शाता है कि बाजार में चुनिंदा खरीदारी भी हो रही थी।



