भारतीय शेयर बाजार बुधवार को भारी बिकवाली के दबाव में खुले। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें भी लगातार ऊंची बनी हुई हैं। इन कारकों ने बाजार की शुरुआत को कमजोर कर दिया।
निफ्टी 50 सूचकांक 23,457.25 पर खुला, जिसमें 160.75 अंकों या 0.68 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 74,806.49 पर खुला, जो 394.36 अंकों या 0.52 फीसदी नीचे था। बाजार विशेषज्ञों ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर होती मुद्रा और महंगाई की चिंताएं निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ रही हैं।
बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा कि भारतीय बाजार उच्च तेल कीमतों, व्यापार संतुलन और चालू खाता घाटे के कमजोर आंकड़ों से प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रुपये के तेजी से गिरने से भी बाजार पर दबाव है। बग्गा ने कहा कि बुधवार को भारतीय शेयरों के लिए कमजोर शुरुआत दिख रही है। सामान्य से कम मानसून के पूर्वानुमान के बीच बॉन्ड प्रतिफल बढ़ रहा है। इससे वर्ष की दूसरी छमाही में कृषि उत्पादन और ग्रामीण खपत मांग प्रभावित हो सकती है।
वैश्विक दबाव और ऊर्जा संकट
अजय बग्गा ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में लगातार व्यवधान से वैश्विक बाजार दबाव में हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक शेयर बाजार ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के कारण शांत हैं। अमेरिका, जापान, यूरोप, ब्रिटेन और भारत में बॉन्ड प्रतिफल बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रहे हैं। निवेशक महंगाई के स्थिर होने की उम्मीद कर रहे हैं। एनविडिया के परिणामों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। यह एआई व्यापार की गति की ताकत का संकेत देगा, जो चुनौतीपूर्ण बाजारों में एक उज्ज्वल स्थान रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर के अनुसार चौथी तिमाही के नतीजों से घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत मिलता है, लेकिन बाजार का ध्यान तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति पर केंद्रित हो रहा है।
रुपये में गिरावट और क्षेत्रीय सूचकांकों का प्रदर्शन
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.88 के नए निचले स्तर पर खुला। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर ऊंची बनी रहीं। व्यापक बाजार में, एनएसई पर लगभग सभी क्षेत्रीय सूचकांक शुरुआती कारोबार के दौरान लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी ऑटो में 1.30 फीसदी की गिरावट आई, निफ्टी एफएमसीजी 0.90 फीसदी गिरा, निफ्टी मीडिया 1.96 फीसदी नीचे आया। निफ्टी मेटल 0.81 फीसदी फिसला, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.27 फीसदी का नुकसान हुआ। निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.92 फीसदी नीचे था, निफ्टी रियल्टी 1.78 फीसदी गिरा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.80 फीसदी की गिरावट आई।
कंपनियों की आय और एशियाई बाजारों की स्थिति
इस बीच, कई प्रमुख कंपनियां बुधवार को अपनी चौथी तिमाही के आय परिणामों की घोषणा करने वाली हैं। इनमें ग्रासिम इंडस्ट्रीज़, संवर्धना मदरसन इंटरनेशनल, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, बॉश, जुबिलेंट फूडवर्क्स, मेट्रो ब्रांड्स और हनीवेल ऑटोमेशन इंडिया शामिल हैं। आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, एरिस लाइफसाइंसेज़ और ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भी परिणाम घोषित करेंगी। अन्य एशियाई बाजार भी दबाव में कारोबार कर रहे थे। जापान का निक्केई 1.59 फीसदी गिरकर 59,590 के स्तर पर आ गया। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.82 फीसदी गिरकर 5,031 पर, हांगकांग का हैंग सेंग 0.65 फीसदी गिरकर 25,637 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 2.42 फीसदी गिरकर 7,095 के स्तर पर आ गया।



