Homeव्यवसायTrade: अप्रैल में भारत का निर्यात 13.78% बढ़कर $43.56 अरब के पार,...

Trade: अप्रैल में भारत का निर्यात 13.78% बढ़कर $43.56 अरब के पार, जानें पश्चिम एशिया संकट का क्या हुआ असर


व्यापारिक मोर्चे पर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अप्रैल का महीना मिले-जुले रुझानों वाला रहा है। एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर भारत के कुल निर्यात में शानदार दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया के साथ होने वाले व्यापार में एक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा साझा किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कुल निर्यात और आयात दोनों में बढ़ोतरी हुई है, जो घरेलू और बाहरी मांग की गतिशीलता को दर्शाता है। 

कुल निर्यात और आयात की स्थिति

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल के महीने में भारत के कुल निर्यात ने मजबूत प्रदर्शन किया है। 


  • निर्यात: अप्रैल में देश का कुल निर्यात साल-दर-साल आधार पर 13.78 प्रतिशत बढ़कर 43.56 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि भारतीय उत्पादों की निरंतर मांग और निर्यातकों के बेहतर प्रदर्शन को रेखांकित करती है। 

  • आयात: दूसरी ओर, आयात के मोर्चे पर भी 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में भारत का कुल आयात बढ़कर 71.94 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो कि एक साल पहले की समान अवधि में 65.38 अरब डॉलर था। 

पश्चिम एशिया के मोर्चे पर चुनौती

कुल व्यापारिक आंकड़ों में जहां सकारात्मकता है, वहीं क्षेत्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया के साथ व्यापारिक संबंधों में अप्रैल के दौरान सुस्ती दर्ज की गई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के बयान के अनुसार, पश्चिम एशिया के साथ द्विपक्षीय व्यापार के दोनों पैमानों (आयात और निर्यात) में भारी गिरावट आई है:


  • निर्यात में गिरावट: पश्चिम एशिया को होने वाला भारत का निर्यात 28 प्रतिशत तक लुढ़क गया है। अप्रैल में यह आंकड़ा घटकर 4.16 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 5.78 अरब डॉलर था।

  • आयात में कमी: इसी तरह, पश्चिम एशिया से होने वाले आयात में भी 31.64 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस साल अप्रैल में यह आयात घटकर 10.47 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 15.32 अरब डॉलर के स्तर पर था।

आगे का आउटलुक

निष्कर्ष के तौर पर, अप्रैल के व्यापारिक आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने कुल आयात और निर्यात में क्रमशः 10% और 13.78% की वृद्धि के साथ अपनी समग्र व्यापारिक क्षमता को मजबूत बनाए रखा है। हालांकि, पश्चिम एशिया के साथ व्यापार में लगभग 30% के आसपास की यह गिरावट चिंता का विषय हो सकती है। आगामी तिमाहियों में बाजारों और नीति निर्माताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह क्षेत्रीय गिरावट एक अस्थायी व्यापारिक रुझान है या फिर इसका असर लंबी अवधि के आंकड़ों पर भी देखने को मिलेगा। सरकार की ओर से आयात-निर्यात के आंकड़ों के जारी करने के पूर्व सरकार ने शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3% वृद्धि कर दी है। इसके लिए पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण खाड़ी देशों के साथ देश के व्यापार में आए व्यावधान को जिम्मेदार माना जा रहा है।





Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments