देश में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय वाहन स्क्रैप पॉलिसी को और अधिक सख्त बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत स्क्रैप सेंटरों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के लिए कड़े मानक तय किए जा रहे हैं, ताकि मनमाने तरीके से होने वाली स्क्रैपिंग पर रोक लगाई जा सके। संभावना है कि इसी साल इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और नए नियम अगले साल से लागू हो जाएंगे। स्क्रैप सेंटरों में 2026-27 में अभी तक 1.94 लाख वाहन स्क्रैप हो चुके हैं।
क्या होंगे नए बदलाव?
अभी तक देश में वाहनों को स्क्रैप करने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का कोई एक निश्चित मानक नहीं है और सेंटर अपनी सुविधा के अनुसार इनका इस्तेमाल करते हैं। नए नियमों के तहत अब सभी पंजीकृत स्क्रैप सेंटरों के लिए एक जैसे और आधुनिक उपकरण अनिवार्य किए जाएंगे।