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अमेजन से गलत पते पर ऑनलाइन ऑर्डर, फर्जी रिटर्न और लाखों की ठगी… दौसा में बड़ा ई-कॉमर्स फ्रॉड बेनकाब


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Dausa Amazon Fraud Case: दौसा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अमेजन के जरिए 19.38 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद ऑनलाइन ऑर्डर करते थे और डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान कथित मिलीभगत से गलत पता दिखाकर पार्सल रिटर्न करवाते थे. बीच रास्ते में पार्सल से महंगा सामान निकाल लिया जाता था. जांच में 19 एप्पल वॉच और दो मेमोरी कार्ड चोरी करने का खुलासा हुआ है. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

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दौसा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अमेजन के जरिए 19.38 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया

दौसा. राजस्थान के दौसा जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के जरिए लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से महंगे उत्पादों की ऑनलाइन बुकिंग कर कंपनी को करीब 19 लाख 38 हजार रुपये का नुकसान पहुंचाया. मामले में पुलिस ने साहिल बंसल, मदन जांगिड़, पारस साहू और नरेंद्र बैरवा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है.

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सबसे पहले अमेजन से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद ऑनलाइन ऑर्डर करते थे. इसके बाद डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से डिलीवरी बॉय और गोदाम संचालक की मिलीभगत से पूरे खेल को अंजाम दिया जाता था. आरोपी डिलीवरी का पता गलत या अधूरा दर्ज कराते, जिससे पार्सल वापस लौटने की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी.

बीच रास्ते से निकाल लेते थे महंगा सामान

पुलिस के अनुसार, रिटर्न प्रक्रिया के दौरान आरोपी बीच रास्ते में ही पार्सल को अपने कब्जे में लेकर उसके अंदर रखा महंगा सामान निकाल लेते थे. बाद में पैकेट को दोबारा बंद कर दिया जाता, जिससे पहली नजर में किसी को शक नहीं होता. इस तरीके से कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था और चोरी किया गया सामान आगे बेच दिया जाता था.

19 एप्पल वॉच और मेमोरी कार्ड किए चोरी

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने करीब एक-एक लाख रुपये कीमत वाली 19 एप्पल वॉच इस तरीके से गायब कर दी थीं. इसके अलावा दो मेमोरी कार्ड के पैकेट भी बीच रास्ते से चोरी किए गए. पुलिस का कहना है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से किया गया था और आरोपी लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे.

साइबर थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार

मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच शुरू की. जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने साहिल बंसल, मदन जांगिड़, पारस साहू और नरेंद्र बैरवा को गिरफ्तार कर लिया. चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे. डिलीवरी चेन में कथित मिलीभगत की भी गहन जांच की जा रही है. साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ भी धोखाधड़ी की है या नहीं. पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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