{“_id”:”6adffdaae17bbafc620eee27″,”slug”:”india-pulses-imports-rise-67-in-fy27-as-prices-of-tur-chana-and-urad-remain-high-2026-10-27″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”अलनीनो का असरः दलहन आयात में 67 फीसदी की बढ़ोतरी, फिर भी महंगी दालों से राहत नहीं; चने के दाम में भी तेजी”,”category”:{“title”:”Bonus”,”title_hn”:”बोनस”,”slug”:”bonus”}}
आयात बढ़ा, फिर भी तुअर, चना और उड़द महंगे
– फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
घरेलू फसल उत्पादन को लेकर चिंताओं और संभावित अल नीनो के मौसम संबंधी जोखिमों के बीच भारत के दलहन बाजार में आयात का बड़ा दबाव देखा जा रहा है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों के दौरान देश का कुल दलहन आयात 67% उछलकर 20.6 लाख टन पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह काफी कम था। आंकड़ों के मुताबिक, आयात की मात्रा के साथ-साथ इसका कुल मूल्य भी 38 % बढ़कर 1.18 अरब डॉलर हो गया है।
खुदरा बाजारों में महंगे हुए तुअर, चना और उड़द
आयात में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू स्तर पर दालों के दाम कड़े बने हुए हैं। शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार तुअर दाल 132.75 रुपये प्रति किलोग्राम (पिछले साल से 15% अधिक), चना 93.48 रुपये प्रति किलोग्राम (7.5% की तेजी) और उड़द दाल 125.46 रुपये प्रति किग्रा (10% की बढ़त) रही।
मसूर और पीली मटर के आयात में भारी बढ़ोतरी
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के प्राइस मॉनिटरिंग सेल के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इस साल प्रमुख दलहनों की विदेशी खरीद में जबरदस्त तेजी आई है। मसूर का आयात रिकॉर्ड 200 % की छलांग लगाकर 6.4 लाख टन पर पहुंच गया है। वहीं, पीली मटर का आयात 114 % बढ़कर 6.2 लाख टन हो गया है। तुअर का आयात 10 % बढ़कर 3.5 लाख टन दर्ज किया गया, जबकि उड़द का आयात 3 % घटकर 2.7 लाख टन पर रहा।
एक महीने में 8% बढ़े चने के दाम, आगे और तेजी के आसार
उधर, बाजार में चने की कीमतों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पिछले एक महीने में चने की कीमतों में करीब 8 फीसदी की तेजी आ चुकी है। नई दिल्ली में चने का मौजूदा भाव 7499.90 रुपये प्रति क्विंटल है, जो पिछले महीने 25 सितंबर को 7058.40 रुपये प्रति क्विंटल था। दिल्ली स्थित कृषि कमोडिटी रिसर्च संस्थान आईग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान के अनुसार, बाजार की अगली चाल मुख्य रूप से तीन बातों पर टिकी होगी, पहला, ऑस्ट्रेलिया से भारत कितना चना पहुंचेगा, दूसरा, नेफेड और एनसीसीएफ जैसी सरकारी एजेंसियां अपने बफर स्टॉक से कितनी आक्रामक बिक्री करती हैं और तीसरा, भारत में रबी सीजन के दौरान चने का वास्तविक रकबा कितना रहता है।
कीमतों में 7 फीसदी से अधिक की हुई वृद्धि पिछले एक महीने में
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मंडी
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25 सितंबर को भाव (रु./क्विंटल)
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26 अक्तूबर को भाव (रु./क्विंटल)
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वृद्धि
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नई दिल्ली
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7,058.40
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7,499.90
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6.26%
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बीकानेर
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864.25*
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7,250.00
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5.62%
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अकोला
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6,862.50
|
7,400.00
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7.83%
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