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ANTF Raid In Udaipur: उदयपुर में हवाला कारोबार के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार्यालय से 39 लाख 22 हजार 660 रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की है. टीम ने मौके से नोट गिनने की मशीन और कैलकुलेटर भी जब्त किए हैं. मामले में दो लोगों को डिटेन कर पुलिस, आयकर विभाग और अन्य एजेंसियां जांच में जुटी हैं.
उदयपुर. हवाला कारोबार के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 39 लाख 22 हजार 660 रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की है. यह कार्रवाई सूरजपोल थाना क्षेत्र की मेवाड़ मोटर्स गली में राजमंदिर ट्रेवल्स के ऊपर संचालित एक कार्यालय में की गई. कार्रवाई के दौरान टीम ने नकदी के साथ नोट गिनने की मशीन और कैलकुलेटर भी जब्त किए हैं, मामले में दो लोगों को डिटेन किया गया है. एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि संबंधित कार्यालय से हवाला के माध्यम से बड़े स्तर पर अवैध नकदी का लेन-देन किया जा रहा है. सूचना की पुष्टि के बाद एएनटीएफ की टीम ने कार्यालय पर दबिश दी. कार्रवाई के दौरान कार्यालय में बड़ी मात्रा में नकदी के बंडल मिले. टीम को देखकर वहां मौजूद दोनों व्यक्ति घबरा गए.
इसके बाद तत्काल सूरजपोल थाना पुलिस और आयकर विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और संयुक्त रूप से जांच शुरू की गई. संयुक्त कार्रवाई के दौरान बरामद नकदी की गिनती नोट काउंटिंग मशीन के जरिए कराई गई. जांच में कुल 39 लाख 22 हजार 660 रुपये की राशि सामने आई. अधिकारियों ने नकदी के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. पूछताछ में उदयपुर निवासी शुभम जैन इस रकम से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या लेन-देन का संतोषजनक हिसाब पेश नहीं कर सका. वहीं कार्यालय में मौजूद कर्मचारी मध्यप्रदेश निवासी अंकित आर्य भी नकदी के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया.
पुलिस और आयकर विभाग कर रहे संयुक्त जांच
प्रारंभिक जांच में मामला हवाला कारोबार से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है. इसके बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 106 के तहत कार्रवाई करते हुए पूरी नकदी, नोट गिनने की मशीन और कैलकुलेटर को जब्त कर लिया है. फिलहाल शुभम जैन और अंकित आर्य को डिटेन कर उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस, आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद रकम कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं. एएनटीएफ की इस कार्रवाई को हवाला नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जांच एजेंसियां अब बरामद नकदी के कनेक्शन, संभावित लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटा रही हैं. जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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