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हनीट्रैप-2 की सरगना रेशू ने राजनीति में बनाई थी प्रोफाइल: खुद को विधानसभा चुनाव का दावेदार बताया; सागर में IAS कोचिंग शुरू की थी – Sagar News




मध्य प्रदेश के हनी ट्रैप-2 केस में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले की सरगना मानी जा रही रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी ने सागर के मकरोनिया की एक साधारण कॉलोनी से निकलकर नेताओं और अफसरों के बीच पहचान बनाई थी। शुरुआत में उसने स्थानीय बीजेपी नेताओं के बीच संपर्क बनाए और धीरे-धीरे सियासी कार्यक्रमों में दिखने लगी। फिर, पार्षद से लेकर विधानसभा चुनाव तक की दावेदारी जताई। रेशू ने सागर में ब्रह्मपुत्रा IAS एकेडमी नाम से कोचिंग भी शुरू की थी। इसके प्रचार-प्रसार के लिए खुद को UPSC-2015 में सिलेक्टेड बताया था। सोशल मीडिया पर बड़े नेताओं और मंत्रियों के साथ तस्वीरें पोस्ट कर अपनी पहुंच दिखाने की कोशिश भी की थी। इंदौर क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आई रेशू से पूछताछ में नेताओं, अफसरों और कारोबारियों से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। कोचिंग के पंपलेट में लिखा- UPSC 2015 में सिलेक्टेड रेशू चौधरी ने सागर के कटरा बाजार में ‘ब्रह्मपुत्रा IAS एकेडमी’ शुरू की थी। इस कोचिंग के प्रचार के लिए जो पंपलेट छपवाए थे, उनमें खुद को “UPSC परीक्षा 2015 में प्रथम श्रेणी के पद पर सिलेक्टेड” बताया था। कोचिंग में UPSC, MPPSC, SI, पुलिस आरक्षक, रेलवे और पीईबी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने का दावा किया जाता था। दिल्ली की एक चर्चित अकादमी के फैकल्टी की स्पेशल क्लास होने की बात भी प्रचारित की गई थी। हालांकि, कोचिंग शुरू होने के कुछ समय बाद ही रेशू विवादों में आ गई। आरोप लगे कि प्रचार-प्रसार और विज्ञापन के भुगतान नहीं किए गए। मामला इतना बढ़ा कि कोचिंग बंद हो गई। इसके बाद रेशू पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हो गई। उसने विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की। शहर में होर्डिंग्स-पोस्टर भी लगवाए, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिल सका। खुद को विदेश में पढ़ा बताती थी, फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती थी रेशू सागर में मकरोनिया की विद्यापुरम कॉलोनी के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती है। परिवार में उसकी दिव्यांग मां और छोटी बहन है। पिता का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। परिचितों के मुताबिक, वह खुद को विदेश में पढ़ा-लिखा बताती थी। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती थी और बड़े लोगों के बीच उठना-बैठना पसंद करती थी। इसी दौरान उसकी रुचि राजनीति में बढ़ी और उसने स्थानीय नेताओं से संपर्क बनाना शुरू किया। बताया जाता है कि रेशू ने नरयावली विधानसभा समेत कई चुनावों में प्रचार-प्रसार किया। इस दौरान उसने सागर के कद्दावर नेताओं के साथ भोपाल और दिल्ली तक राजनीतिक पहुंच बनाने की कोशिश की। श्वेता ने रेशू के नेटवर्क का किया इस्तेमाल 2019 में सामने आए चर्चित हनीट्रैप केस में श्वेता विजय जैन का नाम सामने आया था। वह भी सागर की रहने वाली है। जेल जाने के बाद उसका पुराना नेटवर्क कमजोर पड़ गया था। इसी बीच उसका संपर्क रेशू चौधरी से हुआ। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रेशू के राजनीतिक-सामाजिक संपर्कों का इस्तेमाल शुरू हुआ। इसी नेटवर्क के जरिए नेताओं, ठेकेदारों और बड़े कारोबारियों तक पहुंच बनाई गई। दावा किया जा रहा है कि इंदौर के बड़े होटलों में कई आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए गए, जिनके जरिए ब्लैकमेलिंग की साजिश रची गई। रईस लोगों को टारगेट करने की रणनीति पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि हनीट्रैप केस की आरोपी श्वेता विजय जैन और अलका दीक्षित की दोस्ती जेल में हुई थी। रेशू जेल में उनसे मिलने आती थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि तीनों ने मिलकर नेताओं, कारोबारियों और रईस लोगों को हनीट्रैप में फंसाने का नेटवर्क तैयार किया। इसके लिए कुछ पुरुष मित्रों का भी सहयोग लिया गया। कुछ तस्वीरों के AI से बने होने की भी आशंका रेशू चौधरी ने अपने फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंट पर कई मंत्रियों और बीजेपी के सीनियर लीडर्स के साथ तस्वीरें पोस्ट कर रखी हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को फूलों का बुके देते हुए तस्वीर भी शामिल है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई हो सकती हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रेशू के वास्तविक संपर्क किन-किन नेताओं और प्रभावशाली लोगों तक थे। वीडियो के जरिए करोड़ों रुपए की उगाही की क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के दौरान रेशू चौधरी का मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच में 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें नेता, अफसर, कारोबारी और ठेकेदार शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन वीडियो के जरिए करोड़ों रुपए की उगाही की गई। कुछ मामलों में सौदेबाजी चल रही थी, जबकि कुछ वीडियो बेचने की तैयारी होने की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, रेशू की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में दो कथित ऑडियो क्लिप भी चर्चा में हैं। इनमें वह किसी व्यक्ति को करियर खत्म करने की धमकी देती सुनाई दे रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ओमान से लौटने के बाद पति पर दर्ज कराया केस रेशू चौधरी की शादी वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी महेंद्र चौधरी से हुई थी। महेंद्र ओमान के मस्कट में एक ट्रेवल्स कंपनी में काम करता था। शादी के बाद रेशू भी मस्कट चली गई थी। कुछ महीनों तक ओमान में रहने के बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद रेशू सागर लौट आई और पति, सास-ससुर के खिलाफ प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया। मामला फिलहाल सागर न्यायालय में चल रहा है। उसके पति महेंद्र ने भी कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर रखी है। सूत्रों के मुताबिक, मस्कट में रहन-सहन और लाइफस्टाइल को लेकर दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। डिलीवरी बॉय ने लगाया था महंगा परफ्यूम निकालने का आरोप फरवरी 2026 में रेशू चौधरी का नाम एक पार्सल विवाद में भी सामने आया था। ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय ने मकरोनिया थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि रेशू ने पार्सल में रखा कीमती सामान बदल दिया। शिकायतकर्ता लक्ष्मीकांत राज के मुताबिक, वह करीब 16 हजार 750 रुपए कीमत का महंगा परफ्यूम लेकर रेशू चौधरी के घर पहुंचा था। रेशू ने उसे 10 मिनट रुकने के लिए कहा और पैसे लेने के बहाने पार्सल अंदर ले गई। कुछ देर बाद वह पार्सल वापस लेकर आई, लेकिन उसका वजन कम लग रहा था। पार्सल का टेप खुला हुआ था। जब उसने पार्सल खोलकर देखा तो उसमें परफ्यूम की जगह शैंपू की बोतल मिली। मामले की शिकायत मकरोनिया थाने में की गई थी। हालांकि, मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।



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