केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भविष्य के पेंशन ढांचे को लेकर एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मंगलवार, 5 मई 2026 को पुणे में महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों ने 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई और आयोग के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन 65,000 रुपये और फिटमेंट फैक्टर को 3.8 करने जैसी प्रमुख और दूरगामी मांगें रखी गई हैं।
बैठक का मुख्य एजेंडा और विश्लेषण
महाराष्ट्र पेंशन संगठन के आईटी सेल के प्रमुख विनायक चौथे के अनुसार, वेतन आयोग के साथ यह बैठक लगभग आधे घंटे तक चली। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भत्ते, करियर में उन्नति और कार्यस्थल की स्थितियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संगठन द्वारा आयोग के समक्ष 10 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जो आर्थिक आंकड़ों पर आधारित हैं:
न्यूनतम वेतन में बड़ा इजाफा: वर्तमान एंट्री-लेवल मूल वेतन 18,000 रुपये को बढ़ाकर 65,000 रुपये करने की मांग की गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह मांग एक्रोयड फॉर्मूला और परिवार की यथार्थवादी जरूरतों पर आधारित है।
- फिटमेंट फैक्टर 3.8 करने का प्रस्ताव: 7वें वेतन आयोग के तहत लागू 2.57 फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.8 करने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठन का तर्क है कि राजकोषीय संतुलन बनाए रखते हुए सार्थक वेतन संशोधन के लिए यह दर आवश्यक है।
- परिवार की परिभाषा में बदलाव: न्यूनतम वेतन तय करते समय परिवार के सदस्यों की गणना को वर्तमान 3 से बढ़ाकर 5 (कर्मचारी: 1, जीवनसाथी: 1, दो बच्चे: 1, माता-पिता: 2) करने की मांग की गई है, ताकि बुनियादी जरूरतों का यथार्थवादी आकलन हो सके।
- DA और HRA की नई संरचना: महंगाई भत्ते (DA) में हर संशोधन पर कम से कम 4% की वृद्धि सुनिश्चित करने और 50% तक पहुंचने पर इसे मूल वेतन में स्वतः मिलाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, HRA को DA से अलग कर X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए क्रमशः 12%, 24% और 36% करने का सुझाव दिया गया है।
- भत्तों में वृद्धि: परिवहन लागत में उछाल को देखते हुए यात्रा भत्ते (TA) को 2.5 गुना बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा आदिवासी, पेसा (PESA) और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हार्ड एरिया भत्ते में भी भारी वृद्धि की मांग की गई है।
- वेतन वृद्धि और करियर: वार्षिक वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 5% करने और संशोधित मूल वेतन को अगले 1,000 रुपये तक राउंड ऑफ करने का आग्रह किया गया है। शिक्षकों के लिए मौजूदा 12-24-26 के बजाय 10-20-30 करियर प्रोग्रेशन स्कीम लागू करने की मांग भी शामिल है।
- पेंशन सुधार (OPS, NPS, UPS): देश भर में NPS के तहत आने वाले लगभग 85 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की सबसे बड़ी मांग रखी गई है। NPS के लिए न्यूनतम 10% रिटर्न की गारंटी और नियोक्ता का योगदान 18.5% करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, अतिरिक्त पेंशन की शुरुआत आयु 80 वर्ष से घटाकर 75 वर्ष (75 वर्ष में 20% की वृद्धि) करने की मांग है।
महाराष्ट्र पेंशन संगठन द्वारा 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए ये प्रस्ताव कर्मचारियों की बदलती आर्थिक जरूरतों, बढ़ती मुद्रास्फीति और चिकित्सा खर्चों के प्रभाव को दर्शाते हैं। आगामी वेतन आयोग की रिपोर्ट में इन मांगों को कितना शामिल किया जाता है, यह देश भर के लाखों केंद्रीय व राज्य कर्मचारियों के वित्तीय दृष्टिकोण और सरकारी खजाने के लिए दिशा तय करेगा।



