शेयर बाजार में शुक्रवार को सबसे बड़ा झटका देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने दिया। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मुनाफा बढ़ाया, लाभांश भी घोषित किया, लेकिन शुक्रवार को शेयर करीब 7 फीसदी तक टूट गया। वजह साफ थी। नतीजे अच्छे थे, लेकिन बाजार की उम्मीद से कमजोर थे।
मार्च तिमाही में एसबीआई का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 5.6 फीसदी बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि बाजार को 20,300 करोड़ से ज्यादा के लाभ की उम्मीद थी। बैंक ने 17.35 रुपये प्रति शेयर लाभांश भी घोषित किया। शुद्ध ब्याज आय चार फीसदी बढ़कर 44,380 करोड़ रही, लेकिन निवेशकों की नजर कमजोर ट्रेजरी इनकम और उम्मीद से कम ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर अटक गई। इसलिए, मुनाफे के बावजूद शेयर में तेज बिकवाली हुई।
सरकारी बैंकिंग क्षेत्र का बिगाड़ दिया मूड
एसबीआई की गिरावट ने सरकारी बैंकिंग क्षेत्र का मूड बिगाड़ दिया। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.06 फीसदी गिरकर 8,371.95 पर बंद हुआ। इंडेक्स में एसबीआई 6.66 फीसदी, पंजाब एंड सिंध बैंक 3.65 फीसदी और बैंक ऑफ बड़ौदा 2.39 फीसदी टूटे। बैंक निफ्टी और वित्तीय शेयरों पर भी दबाव दिखा।
यह भी पढ़ें: IMF ने पाकिस्तान को दी राहत: ₹11 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज मंजूर, विदेशी मुद्रा भंडार को मिलेगा सहारा
अगले सप्ताह इन पर रहेगी बाजार की नजर
बाजार की नजर अगले हफ्ते के ट्रिगर्स पर होगी। अप्रैल की खुदरा-थोक महंगाई के आंकड़े, एमएससीआई इंडेक्स रीबैलेंसिंग एवं सिप्ला, भारती एयरटेल, जेएसडब्ल्यू स्टील और पावरग्रिड जैसी बड़ी कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल पर भी नजर रहेगी। निवेशकों के लिए संकेत साफ है कि बाजार में दुविधा है। बैंकिंग, तेल और वैश्विक तनाव किसी भी समय मूड बदल सकते हैं।



