उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ‘अमर उजाला संवाद’ का आयोजन जारी है। देवभूमि के विकास और भविष्य के रोडमैप पर मंथन के लिए हरिद्वार बाईपास रोड स्थित होटल गेटवे (सरोवर प्रीमियर) में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। राज्य के विकास मॉडल से जुड़े इस अहम मंच पर व्यापार, अर्थव्यवस्था और निवेश के मोर्चे पर गहन चर्चा जारी है।
क्या देवभूमि बन रही है निवेशकों की पहली पसंद?
उत्तराखंड में निवेश के नए दरवाजे खोलने और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कारोबारी जगत के लिए एक विशेष पैनल डिस्कशन का आयोजन किया जा रहा है। ‘उत्तराखंडः निवेश और संभावनाएं’ विषय पर आधारित इस सत्र में राज्य के भीतर उद्योगों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम में कुल आठ से अधिक सत्र होंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य केवल संवाद नहीं, बल्कि उन महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाना है जो आगामी वर्षों में उत्तराखंड की आर्थिक और औद्योगिक दिशा तय करेंगे।
इस अहम पैनल डिस्कशन में कौन से विशेषज्ञ रखेंगे अपनी राय?
निवेश और व्यापार से जुड़े इस महत्वपूर्ण सत्र में सरकार और उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होंगे:
- विनय शंकर पांडेय (सचिव, उद्योग, उत्तराखंड सरकार): राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और विजन पर अपना पक्ष रखेंगे।
- हेमंत कोचर (उत्तराखंड हेड, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री): निवेशकों के नजरिए और राज्य में व्यापारिक सुगमता पर बात करेंगे।
- राहुल सिंघल (सदस्य, भारतीय उद्योग परिसंघ- सीआईआई, उत्तराखंड): राज्य में कॉरपोरेट निवेश की स्थिति और एमएसएमई की चुनौतियों के समाधान पर अपने विचार साझा करेंगे।
उद्योगों के लिए आगे की क्या है राह?
इस सत्र का निष्कर्ष राज्य में रोजगार और विकास के नए अवसरों को चिन्हित करेगा। विशेषज्ञों के विचार सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्तराखंड सरकार और उद्योग जगत मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए क्या साझा रणनीति अपना रहे हैं।



