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पंजाब के मानसा में 35 वर्षीय दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत के बाद तनाव फैल गया. गांव भम्मे कलां के रहने वाले दलजीत की मौत को लेकर परिजनों ने नशे की ओवरडोज का आरोप लगाया है. परिवार और ग्रामीण शव को लेकर एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के इंसाफ के लिए चल रहे धरने में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में रोक दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई. पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है. पुलिस एक व्यक्ति को राउंडअप कर पूछताछ कर रही है. मौत की असल वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी.
मानसा में दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत के बाद शव को लेकन पुलिस पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने का मामला सामने आया है.
पंजाब के मानसा में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है. दरअसल, युवक की मौत को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच शव को लेकर टकराव हो गया. परिवार और गांव के लोग शव को लेकर मानसा के त्रिकोणी चौक जाना चाहते थे. त्रिकोणी चौक पर ही एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने को लेकर धरना चल रहा है. पुलिस मृतक के परिजनों और गांववालों को रास्ते में ही उन्हें रोक दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया. साथ ही, हल्क बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया है.
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मानसा जिले के गांव भम्मे कलां निवासी करीब 35 वर्षीय दलजीत सिंह के रूप में हुई है. दलजीत शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं. परिजनों के अनुसार, वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. उसकी संदिग्ध मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. दलजीत सिंह की मौत की खबर मिलने के बाद उसके परिजन और गांव के लोग आक्रोशित हो गए. परिवार और ग्रामीण शव को लेकर सिरसा-मानसा रोड पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया. उनकी मांग थी कि इलाके में नशा बेचने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए.
इसके बाद परिजन और ग्रामीण शव को लेकर मानसा के त्रिकोणी चौक की ओर बढ़ने लगे. यहां नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर पहले से धरना चल रहा है. प्रदर्शनकारी दलजीत का शव भी इसी धरने में ले जाना चाहते थे.
शव धरनास्थल ले जाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने
हालांकि, शव को प्रदर्शन स्थल ले जाने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया. पुलिस ने आगे बढ़ने से रोकने के लिए रास्ते में वाहन और ट्रक खड़े कर दिए. प्रदर्शनकारी शव को धरनास्थल तक ले जाने की मांग पर अड़े रहे. इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई. तनाव बढ़ने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया गया. घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई.
मानसा गया था दलजीत, खेतों के पास मिला शव
परिजनों के अनुसार, दलजीत सिंह पिछले कुछ समय से नशे का आदी था. वह मानसा गया हुआ था. उसका शव रमानंदी के पास खेतों में मिला. दलजीत की मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि इलाके में खुलेआम नशे की बिक्री हो रही है. इसी वजह से उनके परिवार का सदस्य जान गंवा बैठा. हालांकि, दलजीत की मौत किन परिस्थितियों में हुई यह अभी साफ नहीं है. परिजनों का दावा है कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज से हुई है, जबकि पुलिस इसे मर्डर का मामला बता रही है. मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
पत्नी और मां ने की नशा बेचने वालों की गिरफ्तारी की मांग
दलजीत सिंह की पत्नी परमजीत कौर और मां चंद्र कौर ने नशे की बिक्री को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि नशे की उपलब्धता के कारण युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं और परिवार बर्बाद हो रहे हैं. परिजनों ने मांग की है कि दलजीत की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और नशा बेचने वालों को गिरफ्तार किया जाए. परिवार ने सरकार के नशा विरोधी दावों पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि सरकार लगातार पंजाब से नशा खत्म करने की बात कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे की उपलब्धता अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है.