भारत के विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र की वृद्धि जुलाई 2026 में लगभग पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। इसकी रफ्तार मापने वाला एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जुलाई में घटकर 53.5 पर आ गया, जो जून में 54.2 था। यह अगस्त 2021 के बाद सबसे निचला स्तर है। नए ऑर्डरों में वृद्धि पिछले चार वर्षों में दूसरी बार सबसे कमजोर रही। एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, पश्चिम एशिया तनाव फिर बढ़ने से कंपनियां आपूर्ति सुनिश्चित कर संभावित जोखिम सीमित करने का प्रयास कर रही हैं।
जुलाई में रेलवे की माल ढुलाई 9% बढ़ी, यात्री 63 करोड़ से ज्यादा
भारतीय रेलवे ने जुलाई में परिचालन के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। इस दौरान माल ढुलाई, यात्री यातायात और राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई माह में 141.3 मिलियन टन माल का लदान किया, जबकि पिछले साल जुलाई में यह आंकड़ा 129.7 मिलियन टन था। इस तरह माल ढुलाई में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी देश के प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में लगातार बनी मांग और माल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों का नतीजा है। रेलवे ने यात्री परिवहन के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे ने 63.35 करोड़ यात्रियों को सफर कराया, जबकि जुलाई 2025 में यह संख्या 62.19 करोड़ थी। रेलवे के अनुसार, उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों क्षेत्रों में यात्री संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह देशभर में रेल यात्रा के प्रति यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। जुलाई 2026 में माल ढुलाई से 1,137 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिला, जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। जोनल रेलवे में पूर्व-मध्य रेलवे और पूर्व रेलवे ने 33-33 प्रतिशत, पश्चिम-मध्य रेलवे ने 23 प्रतिशत और दक्षिण-पूर्व रेलवे ने 10.33 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की।



