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Cabinet: एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच छह लेन के ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी, जानिए अहम फैसले


केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए अब तक के सबसे बड़े निवेश प्रस्तावों में से एक को हरी झंडी दे दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई युगांतकारी निर्णय लिए गए, जिनकी घोषणा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की।

देश को वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) हब बनाने और कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने कुल 2,19,353 करोड़ रुपये के कुल बजट वाले सा बड़े प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। यह विशाल पैकेज देश की आर्थिक विकास दर को तेज करने और औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।

केंद्रीय कैबिनेट ने एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 14,447.64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 6 लेन के ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने बुधवार को कुल 2,19,353 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। एनएच-19 उत्तर प्रदेश के आगरा से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता (डंकुनी) तक जाता है। यह लगभग 1323 किलोमीटर लंबा मार्ग है जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से होकर गुजरता है।

वाराणसी और गंगा-वरुणा नदियों के किनारे कनेक्टिविटी के लिए क्या घोषणाएं हुईं?

बुनियादी ढांचे में सुधार के तहत उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में यातायात को पूरी तरह सुगम और जाम मुक्त बनाने के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है:


  • गंगा नदी के किनारे छह लेन का कॉरिडोर: एनएच-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड के बीच यात्रा को आसान बनाने के लिए 14,447.64 करोड़ रुपये (लगभग 14,448 करोड़ रुपये) की लागत से बनने वाले 6 लेन के ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को हरी झंडी दी गई है।

  • वरुणा नदी के किनारे कॉरिडोर: स्थानीय कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए वरुणा नदी के किनारे 6 और 4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसके लिए 10,998 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

रेलवे और कृषि क्षेत्र के लिए कैबिनेट ने क्या अहम नीतिगत फैसले लिए हैं?

कनेक्टिविटी को दुरुस्त करने और औद्योगिक परिवहन को सुचारू बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:


  • यूरिया के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति-2026: कृषि क्षेत्र में खाद की उपलब्धता और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने घरेलू यूरिया उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई राष्ट्रीय निवेश नीति को मंजूरी दी है।

  • पारादीप- हरिदासपुर रेल लाइन का दोहरीकरण: औद्योगिक माल ढुलाई को तेज करने के उद्देश्य से ओडिशा के इस रेल मार्ग के दोहरीकरण के लिए 2,542 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • डांगोआपोसी- राजखरसावां चौथी लाइन: इस व्यस्त रेल मार्ग पर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चौथी लाइन बिछाने के काम को 1,365 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।

सेमीकंडक्टर और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए क्या एलान?

इस कैबिनेट बैठक का सबसे भारी-भरकम हिस्सा देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिया गया है। सरकार ने इस क्षेत्र के तहत दो बेहद महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए बजट आवंटित किया है:


  • सेमीकंडक्टर 2.0: भारत को वैश्विक चिप डिजाइन और विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 1,27,500 करोड़ रुपये के अभूतपूर्व बजट के साथ ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ योजना को मंजूरी दी है।

  • मोबाइल फोन निर्माण योजना (एमपीएमएस): भारत में घरेलू स्तर पर मोबाइल हैंडसेट के उत्पादन को और अधिक रफ्तार देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि स्वीकृत की गई है।



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