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Exports: वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा, गोयल को एक खरब डॉलर लक्ष्य हासिल करने का भरोसा


वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अप्रैल-जुलाई 2026 के वित्त वर्ष में देश का निर्यात करीब 15 फीसदी बढ़ा है। यह वृद्धि भारत की आर्थिक मजबूती का संकेत देती है। उन्होंने 2026-27 तक वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात का एक खरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा जताया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 863 अरब डॉलर था।

गोयल ने कहा कि इस वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में निर्यात में लगभग 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। जुलाई के अंतिम निर्यात और आयात आंकड़े 13 अगस्त को जारी किए जाएंगे। इन आंकड़ों से जुलाई महीने के व्यापार प्रदर्शन की पूरी तस्वीर साफ होगी।

उन्होंने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर भी बात की। पिछले चार वर्षों में नौ ऐसे समझौतों को अंतिम रूप दिया गया है। इन समझौतों ने घरेलू उद्योग के लिए बड़े अवसर खोले हैं। ये समझौते वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से के बराबर हैं। अप्रैल-जून 2026 के वित्त वर्ष में निर्यात 15.92 फीसदी बढ़कर 129.32 अरब डॉलर हो गया। इसी अवधि में आयात 19.89 फीसदी बढ़कर 216.18 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

क्या वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निर्यात बढ़ा?

पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर कई अनिश्चितताएं मौजूद हैं। इसके बावजूद भारत के निर्यात प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान निर्यात में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह वृद्धि देश की आर्थिक शक्ति और व्यापारिक लचीलेपन को दर्शाती है। यह दिखाता है कि भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं। यह सकारात्मक रुझान देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है।

क्या एक खरब डॉलर का लक्ष्य हासिल होगा?

मंत्री गोयल ने 2026-27 के लिए 1 खरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को लेकर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कुल निर्यात 863 अरब डॉलर था। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार विभिन्न नीतियां बना रही है। निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

मुक्त व्यापार समझौतों से क्या लाभ मिला?

पिछले चार वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है। गोयल के अनुसार, इन समझौतों ने घरेलू उद्योग के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं। ये समझौते वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन समझौतों से भारतीय उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंच मिली है। इससे देश के व्यापारिक संबंध मजबूत हुए हैं और निर्यात को बढ़ावा मिला है।



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