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AI in SBI: 10 हजार रुपये तक के चेक एआई की मदद से हो रहे क्लियर, एमएसएमई कर्ज को भी नई तकनीक के जरिए मंजूरी


देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने वित्त वर्ष 2026 में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बैंक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके लगभग एक लाख करोड़ रुपये के एमएसएमई कर्ज को मंजूरी दी है। ये कर्ज प्रत्येक पांच करोड़ रुपये तक के थे। यह जानकारी बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को दी। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक में 10,000 रुपये तक के चेक भी एआई की मदद से स्वचालित रूप से क्लियर हो रहे हैं।

एसबीआई के प्रबंध निदेशक रामा मोहन राव अमारा ने वार्षिक एफआईबीएसी कार्यक्रम में बताया कि 12 महीनों में यह लक्ष्य हासिल किया गया। इसमें नए और मौजूदा दोनों तरह के ग्राहक शामिल थे। बैंक 10,000 रुपये तक के चेक की प्रोसेसिंग को भी स्वचालित कर रहा है। इसके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जिसमें लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) भी शामिल हैं, का उपयोग किया जा रहा है। एआई के उपयोग से रिलेशनशिप मैनेजरों का समय बचा है। पहले वे डेटा इकट्ठा करने और प्रारंभिक विश्लेषण में काफी समय लगाते थे। 10,000 रुपये तक के चेक बैंक के कुल चेक मात्रा का करीब 25 फीसदी होते हैं। एआई मॉडल चेक को पढ़ सकता है और अनिवार्य क्षेत्रों व अनुपालन आवश्यकताओं को सत्यापित कर सकता है।

क्या चेक प्रोसेसिंग में अब कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा?

बैंक ने अब ऐसे चेकों की प्रोसेसिंग को एसटीपी (स्ट्रेट-थ्रू प्रोसेसिंग) प्रणाली के माध्यम से स्वचालित कर दिया है। इसमें व्यावहारिक रूप से कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता है। हालांकि, एसबीआई ने एक नियंत्रण तंत्र बनाए रखा है। इसके तहत एक समर्पित नियंत्रण जोखिम इकाई एआई प्रणाली द्वारा संसाधित चेकों के नमूने की समीक्षा करती है। यह त्रुटियों की पहचान करने में मदद करता है। साथ ही, यह निर्धारित करता है कि मॉडल को आगे प्रशिक्षण की आवश्यकता है या नहीं।

एआई का उपयोग किन अन्य क्षेत्रों में हो रहा है?

एआई को ग्राहक जीवनचक्र के विभिन्न चरणों में तैनात किया जा रहा है। इसमें ऋण हामीदारी, पोर्टफोलियो प्रबंधन और धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन शामिल हैं। ग्राहक सेवा में भी एआई का उपयोग किया जा रहा है। एसबीआई एआई-आधारित प्रारंभिक चेतावनी संकेतों का भी उपयोग कर रहा है। यह चूक होने से पहले कमजोर जोखिमों की पहचान करने में मदद करता है। इसके लिए क्षेत्र-विशिष्ट, बाजार और अन्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण किया जाता है।

एआई से बैंक को क्या लाभ मिल रहे हैं?

अधिकारी ने बताया कि लागत-से-आय अनुपात में कमी के संदर्भ में प्रभाव को मापना अभी समय लेगा। हालांकि, बैंक को पहले से ही कई लाभ दिख रहे हैं। इनमें ग्राहकों की संतुष्टि में वृद्धि हुई है। साथ ही, कर्मचारियों के समय की बचत भी हुई है। एआई के माध्यम से कार्यक्षमता और दक्षता में सुधार हो रहा है।



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