राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सोने के दाम 400 रुपये बढ़कर 1,48,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए। चांदी भी 5,000 रुपये उछलकर 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। व्यापारियों की खरीदारी और कमजोर डॉलर से कीमती धातुओं की मांग में वृद्धि हुई।
99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना पिछले सत्र में 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी ने भी लगातार तीन सत्रों की गिरावट को खत्म किया। यह गुरुवार के 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद स्तर से 5,000 रुपये बढ़कर 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई।
कीमतों में वृद्धि क्यों हुई?
व्यापारियों ने बताया कि डॉलर सूचकांक लगातार तीसरे सत्र में कमजोर हुआ। इससे कीमती धातुओं की अपील बढ़ी। निवेशकों ने भी कम कीमतों का लाभ उठाया। इस सप्ताह की शुरुआत में सोना एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और सौदेबाजी की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या स्थिति है?
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना 17.57 अमेरिकी डॉलर या 0.43 फीसदी गिरकर 4,106.25 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी लगभग एक फीसदी गिरकर 59.54 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई। मिराए असेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक प्रयास एक समझौते पर पहुंचने के लिए फिर से पटरी पर आते दिख रहे हैं।
आगे क्या उम्मीद है?
बाजार के प्रतिभागी अगले सप्ताह के अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) डेटा का इंतजार कर रहे हैं। इससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की दिशा पर नया मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और मुद्रा के उपाध्यक्ष रिसर्च विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा कि डेटा जारी होना फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के दृष्टिकोण और बुलियन कीमतों की दिशा के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रिगर होगा।



