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पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा की सुरक्षा छीनी: AAP का दावा- केंद्र से Z+ सिक्योरिटी मिलेगी, पूछा- सांसद हमारा, ये मेहरबान क्यों – Ludhiana News
राघव चड्ढा 2012-13 में इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन से जुड़े। वे AAP के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच का विवाद और बढ़ गया है। पंजाब की CM भगवंत मान की अगुआई वाली AAP सरकार ने राघव चड्ढा की सिक्योरिटी छीन ली है। पंजाब के सहप्रभारी, सांसद और राज्यसभा में उपनेता होने के नाते राघव चड्ढा को प
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आम आदमी पार्टी के दिल्ली के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया (X) पर दावा किया कि राघव चड्ढा को केंद्र सरकार ने जेड प्लस सिक्योरिटी दे दी है। केंद्र सरकार आखिर राघव चड्ढा पर इतनी मेहरबान क्यों है? हालांकि, चड्ढा के करीबी सोर्सेज के मुताबिक अभी उन्हें केंद्र से सुरक्षा नहीं मिली है।
जानकारी के मुताबिक उन्हें जल्द केंद्रीय सुरक्षा मिल सकती है। तब तक उन्हें दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी दी जा सकती है। 2 हफ्ते पहले AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी उपनेता के पद से हटाकर दूसरे सांसद अशोक मित्तल को यह पद दे दिया था। उसके बाद से ही AAP और राघव चड्ढा के बीच खूब बयानबाजी भी चली।
राघव चड्ढा मामले में अब तक क्या-क्या हुआ
- उपनेता पद से हटाया गया: आम आदमी पार्टी ने 2 अप्रैल को राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटा दिया। उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। AAP ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया कि राघव चड्ढा को अब सदन में बोलने के लिए पार्टी कोटे से समय न दिया जाए।
- राघव बोले- मुझे खामोश किया गया, हारा नहीं हूं: चड्ढा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा- मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। जिन लोगों ने पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया, मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।
- AAP नेता सामने आए, कहा- पार्टी लाइन से हटे राघव: राघव के वीडियो के सामने आते ही अनुराग ढांडा, सौरभ भारद्वाज, आतिशी, सीएम भगवंत मान जैसे कई AAP नेता सामने आए। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल अरेस्ट हुए तो राघव चड्ढा आंखों के ऑपरेशन की बात कहकर UK में थे। संसद में केंद्र सरकार और PM मोदी से सवाल नहीं पूछते, वे मोदी से डरते हैं। वे राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय समोसे के रेट जैसे छोटे मुद्दे उठाते हैं।
- राघव चड्ढा ने कहा- स्क्रिप्टेड कैंपेन चला रहे: राघव ने 4 अप्रैल को दूसरा वीडियो जारी कर कहा- कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। वही भाषा, वही बातें, वही आरोप। यह कोई कोइंसिडेंस नहीं, बल्कि एक को-ऑर्डिनेटेड अटैक है। मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं गया, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए गया हूं। आखिर में… ‘घायल हूं, इसलिए घातक हूं’ कहते हुए AAP को चेतावनी दी।
- राघव चड्ढा नया वीडियो जारी किया: राघव चड्ढा ने 5 अप्रैल को फिर नया वीडिया शेयर किया। इसमें उन्होंने लिखा- मेरे उन सहयोगियों के लिए जो मजबूर होकर वीडियो जारी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में असफल रहे। उनके लिए पंजाब के मुद्दे उठाने का वीडियो है। पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक विषय नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है।
- AAP नेता ने कहा- राघव ने मोदी विरोधी पोस्ट हटाईं: AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि राघव चड्ढा ने PM नरेंद्र मोदी और भाजपा की आलोचना वाले अपने सभी पुराने पोस्ट डिलीट कर दिए हैं। अब केवल 2 पोस्ट हैं, जिनमें मोदी शब्द है और वे भी मोदी की तारीफ करने वाले हैं।
- राघव चड्ढा ने अंग्रेजी बुक से केजरीवाल पर तंज कसा: राघव चड्ढा ने अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब ‘द 48 लॉज ऑफ पावर’ पढ़ते हुए फोटो शेयर की। राघव चड्ढा ने जिस पन्ने को शेयर किया है, उसमें लिखा गया था कि अपने मालिक या बॉस से ज्यादा चमकने की कोशिश कभी न करें। अगर आप ऐसा करते हैं, तो इसका उल्टा असर हो सकता है। उनमें डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।

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पंजाब- AAP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल पर ED रेड, जालंधर-फगवाड़ा, गुरुग्राम में LPU-फार्म हाउस में जांच

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने रेड की। आज सुबह साढ़े 7 बजे दिल्ली से ED की टीमें जालंधर में उनके घर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और गुरुग्राम समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचीं। जांच चल रही है। (पढ़ें पूरी खबर)
राघव चड्ढा विवाद- इससे पहले 30 नेता AAP छोड़ चुके: सबसे ज्यादा 15 पंजाब के, 3 का न इस्तीफा, न निकाला

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का अपनी ही आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच टकराव चल रहा है। AAP ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाने के बाद पार्टी कोटे से बोलने का टाइम न देने तक के लिए कह दिया। अब उनके AAP छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
ED की बड़ी कार्रवाई: रिलायंस ADAG के पूर्व अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच तेज
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, यह गिरफ्तारी बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में की गई है, जिसमें संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें हिरासत में लिया और आगे की विस्तृत पूछताछ के लिए अदालत में पेश किया।
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Ashok Mittal: राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बनते ही ED के रडार पर आए AAP सांसद, अशोक मित्तल के ठिकानों पर रेड
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पंजाब चुनाव से पहले AAP सांसद पर ED रेड: LPU समेत 9 ठिकाने खंगाल रही टीमें; CM बोले- टिपिकल मोदी स्टाइल; केजरीवाल बोले- करारा जवाब मिलेगा – Jalandhar News
पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने रेड की है। आज सुबह साढ़े 7 बजे दिल्ली से ED की टीमें जालंधर में उनके घर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचीं। जांच चल रही है। घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। अशोक मित्तल इस वक्त अपने जालंधर स्थित घर में मौजूद हैं। ED सूत्रों के मुताबिक यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला है। जिसे अशोक मित्तल और उनके बेटे से जोड़ा जा रहा है। करीब 12 दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद अशोक मित्तल को उपनेता बनाया गया। अशोक पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे। CM ने लिखा- टिपिकल मोदी स्टाइल
CM भगवंत मान ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा- भाजपा द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू… आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ED की रेड.. टिपिकल मोदी स्टाइल..। हम वो पत्ते नहीं, जो शाख से टूट कर गिर जाएंगे। आंधियों को कह दो अपनी औकात में रहे। केजरीवाल ने कहा- बीजेपी को इसका करारा जवाब देंगे
अरविंद केजरीवाल ने कहा- मोदी जी ने पंजाब में चुनावों की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन पंजाब के लोग ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीजेपी को इसका करारा जवाब देंगे। CM भगवंत मान की पोस्ट… कौन हैं अशोक मित्तल
अशोक मित्तल के पिता बलदेव राज मित्तल ने 1961 में 500 रुपए का कर्ज लेकर जालंधर कैंटोंमेंट एरिया में एक मिठाई की दुकान खोली थी। इसका नाम लवली स्वीट हाउस रखा। सबसे पहले 1968 में बड़े बेटे रमेश मित्तल ने पिता के इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 11वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी। इसके बाद 1977 में दूसरे बेटे नरेश भी व्यवसाय से जुड़ गए। देखते ही देखते लवली स्वीट फेमस हो गई। 1986 में ये जालंधर की सबसे प्रतिष्ठित और बड़ी मिठाई की दुकान हो गई। 1984 में अशोक ने भी पिता के व्यवसाय में कदम रख दिया। 2004 में बलदेव राज मित्तल का निधन हो गया था। 1991 में ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार शुरू किया
अशोक पढ़ाई के साथ-साथ पिता की मिठाई के दुकान पर भी काम करते थे। वह अपने बड़े भाई की मदद करते थे। पढ़ाई पूरी हुई तो 1991 में अशोक ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार शुरू किया। बजाज कंपनी की डीलरशिप ले ली। 1996 में मारुति सुजुकी की डीलरशिप ली। देखते ही देखते अशोक पंजाब के टॉप ऑटोमोबाइल डीलर बन गए। 3.5 एकड़ जमीन लेकर कॉलेज की स्थापना की
2001 में अशोक ने फगवाड़ा में 3.5 एकड़ जमीन लेकर कॉलेज की स्थापना की। 2005 में लवली कॉलेज को प्राइवेट यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया। अब ये लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के नाम से पूरी दुनिया में जानी जाती है। करीब 50 देशों के 40 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं यहां पढ़ते हैं। अब इसका 600 एकड़ में विस्तार हो चुका है। 3600 से ज्यादा शिक्षक यहां पढ़ाते हैं। लवली ग्रुप का सालाना टर्न ओवर करीब 850 करोड़ का हो गया है।
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केजरीवाल बोले-जज के बच्चे तुषार मेहता के साथ काम करते: तुषार CBI के वकील हैं, ऐसे में जज कांता मेहता के खिलाफ आदेश कैसे दे पाएंगी
अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाला केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को फिर से हटाने की मांग की है। केजरीवाल ने बुधवार को जस्टिस कांता की अदालत में एक और हलफनामा दायर किया है। इसमें केजरीवाल ने जज के दो बच्चों के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करने का मुद्दा उठाया है। केजरीवाल ने लिखा- जज के दोनों बच्चे तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। तुषार मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। तुषार मेहता CBI की तरफ से पेश होने वाले वकील हैं। ऐसे में, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा तुषार मेहता के खिलाफ आदेश कैसे जारी कर पाएंगी? इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए।
केजरीवाल ने जज को हटाने की अर्जी क्यों लगाई, 5 पॉइंट्स में समझिए ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर, अरुण पिल्लई और चनप्रीत सिंह रायट ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की। 13 अप्रैल: केजरीवाल की कोर्टरूम में 10 बड़ी दलीलें… – 9 मार्च को सुनवाई के दौरान CBI के अलावा कोई मौजूद नहीं था। बिना उनकी बात सुने कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पहली नजर में गलत बता दिया। ट्रायल कोर्ट ने पूरे दिन सुनवाई कर फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 5 मिनट की सुनवाई में उसे गलत बता दिया। आदेश आया तो मुझे लगा कि मामला पक्षपात की तरफ जा रहा है। मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, लेकिन वह खारिज हो गया। इसके बाद मैंने यह आवेदन दिया। – पहले आपने कहा था कि ‘एप्रूवर’ (गवाह बने आरोपी) के बयान मान्य हैं। लेकिन यहां सिर्फ 5 मिनट की सुनवाई के बाद आपने कहा कि ट्रायल कोर्ट की एप्रूवर के बयानों पर की गई टिप्पणियां गलत हैं। यह मेरे लिए सबसे चिंताजनक बात थी। – मैं इस अदालत के सत्येंद्र जैन बनाम ED फैसले पर भरोसा करना चाहता हूं। उस मामले में जमानत पर सुनवाई चल रही थी। 6 दिन की सुनवाई हो चुकी थी और वह आखिरी तारीख थी। अचानक ED ने पक्षपात की आशंका जताई। जिला न्यायाधीश ने इसे स्वीकार कर लिया। मामला हाईकोर्ट आया और वहां भी इसे स्वीकार कर लिया गया। उस मामले और मेरे मामले में काफी समानताएं हैं। उस मामले में अदालत ने कहा था कि सवाल जज की ईमानदारी का नहीं है, बल्कि पक्षकार के मन में उत्पन्न आशंका का है। मेरा मामला भी वैसा ही है। यहां भी सवाल जज की ईमानदारी का नहीं है। – जांच अधिकारी (IO) के खिलाफ चल रही कार्रवाई को भी हाईकोर्ट ने रोक दिया। ट्रायल कोर्ट ने जो बातें लिखी थीं, वो CBI के खिलाफ नहीं, बल्कि IO के खिलाफ थीं। IO ने हाईकोर्ट में कोई राहत नहीं मांगी थी और वह वहां मौजूद भी नहीं था। फिर भी सिर्फ CBI के कहने पर उसके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई। इससे मेरे मन में शंका पैदा होती है। – कानून के मुताबिक डिस्चार्ज आदेश को बहुत कम मामलों में ही रोका जाता है, लेकिन हमें सुने बिना ही आदेश का एक हिस्सा रोक दिया गया और बाकी हिस्सा भी बदल दिया गया। ऐसा लग रहा है कि इस एकतरफा आदेश से ट्रायल कोर्ट का ज्यादातर फैसला खत्म कर दिया गया। मुझे CBI की याचिका की कॉपी भी नहीं दी गई थी। – मैंने देखा है कि इस केस और इसी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों, जैसे मनीष सिसोदिया के केस की सुनवाई बहुत तेजी से हो रही है। ऐसी गति किसी और केस में नहीं दिखती। दोनों ही मामले विपक्षी नेताओं से जुड़े हैं। – इस कोर्ट में CBI और ED की लगभग हर दलील मान ली जाती है। उनकी हर मांग आदेश बन जाती है। सिर्फ एक मामला (अरुण पिल्लई केस) अलग रहा। जब भी ED या CBI कुछ कहती है, उसे स्वीकार कर लिया जाता है और आदेश उनके पक्ष में दिया जाता है। ट्रायल कोर्ट के लंबे फैसले के खिलाफ CBI ने सिर्फ 4 घंटे में याचिका दाखिल कर दी, जिसमें ज्यादा ठोस बात नहीं थी। फिर भी पहली ही सुनवाई में एकतरफा आदेश दे दिया गया। – इस अदालत के सामने पहले ही 5 मामले आ चुके हैं। मेरा मामला गिरफ्तारी से संबंधित था। संजय सिंह, के कविता और अमन ढल्ल की जमानत याचिकाएं भी यहां सुनी गई थीं। उन मामलों में इस अदालत द्वारा की गई टिप्पणियां अपने आप में निर्णय के समान हैं। – अधिवक्ता परिषद नाम का एक संगठन है, जो RSS से जुड़ा है। आपने उसके कार्यक्रमों में चार बार हिस्सा लिया है। हम उसकी विचारधारा के पूरी तरह खिलाफ हैं और खुलकर विरोध करते हैं। यह मामला राजनीतिक है। अगर कोई जज किसी खास विचारधारा से जुड़े कार्यक्रमों में जाता है, तो इससे पक्षपात की आशंका बनती है। ऐसे में मेरे मन में यह सवाल उठता है कि क्या मुझे निष्पक्ष न्याय मिलेगा या नही? – सोशल मीडिया पर भी एक मुद्दा चर्चा में है कि अगर जज के करीबी लोग किसी पक्ष या वकीलों से जुड़े हों, तो जज खुद को उस केस से अलग कर लेते हैं। अगर जज के करीबी लोग किसी पक्ष से जुड़े हों, तो वे खुद को मामले से अलग कर लेते हैं। मेरा निवेदन है कि इस बात पर भी विचार किया जाए। 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को बरी किया था 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट के बाहर बयान देते समय केजरीवाल रोने लगे। मनीष सिसोदिया ने उन्हें ढाढस बंधाया था। ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस:CBI अफसर के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक, मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई नहीं करने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 मार्च को दिल्ली शराब नीति केस में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी। पूरी खबर पढ़ें…
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