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IMD Alert: मुंबई से पुणे तक पारा 34 के पार, उमस ने किया बेहाल, अगले 48 घंटों के मौसम का हाल, कब होगी बारिश?


Maharashtra

oi-Smita Mugdha

Maharashtra Weather: महाराष्ट्र में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मुंबई, पुणे, ठाणे और रायगढ़ सहित कई इलाकों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत की खबर देते हुए अगले 4-5 दिनों में मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। गुरुवार को लगातार चौथे दिन मुंबई में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

सांताक्रूज में तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक है। वहीं कोलाबा में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से 2.6 डिग्री ज्यादा है। दहानू में भी तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.9 डिग्री अधिक रहा।

Maharashtra Weather

Maharashtra Weather: मुंबई में पड़ रही भयानक गर्मी

– उमस के कारण न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। कोलाबा में न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री और सांताक्रूज में 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

– मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के कई हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा।

– मुंबई के लोगों को फिलहाल इस हफ्ते गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आने वाले 3-4 दिनों में फिलहाल बारिश के आसार नहीं है।

Pune IMD Alert: वीकेंड में मिल सकती है राहत

पुणे में भी गर्मी ने अचानक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले सप्ताह हुई हल्की बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया था, लेकिन इस सप्ताह की शुरुआत से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि गुरुवार और शुक्रवार को दोपहर के समय आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

Maharashtra Weather Update: मध्य महाराष्ट्र में बारिश के आसार

मध्य महाराष्ट्र के कई जिलों में अगले 4-5 दिनों के लिए गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके चलते ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। दूसरी ओर, कोंकण क्षेत्र में अगले दो दिनों तक गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। बदलते मौसम के कारण तापमान में इस तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंडक का यह मिश्रित प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।



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Racism in Cricket: ‘काला है तो जूते साफ कर’! पूर्व क्रिकेटर के इस आरोप से क्रिकेट जगत शर्मसार, BCCI में खलबली


Cricket

oi-Naveen Sharma

भारतीय क्रिकेट जगत से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने खेल प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। पूर्व दिग्गज स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अपने खेलने के दिनों के दौरान ड्रेसिंग रूम में झेले गए नस्लवाद और भेदभाव को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

एक भावुक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे उनके रंग को लेकर उनके ही साथी खिलाड़ियों ने भद्दे कमेंट्स किए थे, जिससे उनके आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंची। शिवरामकृष्णन के अनुसार यह भेदभाव केवल मैदान तक सीमित नहीं था बल्कि होटल के कमरों और आम जनता के बीच भी उन्हें इसका सामना करना पड़ा।

Sivaramakrishnan

चेहरे के रंग को केक से जोड़ा गया

सबसे हैरान करने वाला खुलासा उनके 17वें जन्मदिन से जुड़ा है। शिवरामकृष्णन ने बताया कि 1982 और 83 के पाकिस्तान दौरे के दौरान कप्तान सुनील गावस्कर ने उनके लिए एक केक मंगवाया था। उस समय एक सीनियर खिलाड़ी ने कमेंट करते हुए कहा था कि सनी भाई आपने बिल्कुल सही रंग का केक मंगवाया है क्योंकि काले लड़के के लिए डार्क चॉकलेट केक ही सही रहता है।

पूर्व क्रिकेटर ने बताया कि उस वक्त वे अपने आंसू नहीं रोक पाए थे और रोते हुए ही उन्होंने केक काटा था। यह घटना उनके दिमाग पर इतनी गहरी छप गई कि आज इतने सालों बाद भी वे इसे भूल नहीं पाए हैं।

भारतीय बल्लेबाज ने दिया जूते साफ़ करने का ऑर्डर

शिवरामकृष्णन ने यह भी साझा किया कि जब वे सिर्फ 14 साल के थे, तब एक सीनियर भारतीय बल्लेबाज ने उन्हें मैदान का कर्मचारी समझ लिया था और अपने जूते साफ करने का आदेश दे दिया था। इसके अलावा उन्होंने मुंबई और चंडीगढ़ जैसे शहरों में घरेलू मैचों के दौरान दर्शकों द्वारा किए गए नस्लीय कमेंट्स का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के ड्रेसिंग रूम से लेकर टीम इंडिया के सफर तक, उन्हें बार-बार उनके रंग की वजह से नीचा दिखाने की कोशिश की गई।

कमेंट्री पैनल में भी हुआ भेदभाव

हाल ही में कमेंट्री पैनल से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए भी उन्होंने इसी दर्द को साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 23 साल तक कमेंट्री करने के बावजूद उन्हें कभी भी टॉस या मैच के बाद होने वाले बड़े कार्यक्रमों में मौका नहीं दिया गया। उनका मानना है कि ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में भी गोरे रंग को ही प्राथमिकता दी जाती है और उनके जैसे काबिल लोगों को सिर्फ रंग की वजह से पीछे धकेल दिया जाता है। यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और फैंस क्रिकेट के इस काले अध्याय को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।



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PM Kisan 23rd Installment Update: अगली किस्त चाहिए तो आज ही निपटा लें ये काम, वरना लिस्ट से कट सकता है नाम


India

oi-Kumari Sunidhi Raj

PM Kisan 23rd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार जल्द ही योजना की 23वीं किस्त जारी करने की तैयारी में है। साल 2019 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने अब तक करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

सरकार हर साल किसानों को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जो 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक सरकार सफलतापूर्वक 22 किस्तें जारी कर चुकी है, जिससे खेती-किसानी की जरूरतों जैसे बीज और खाद के लिए किसानों की साहूकारों पर निर्भरता काफी कम हुई है। हालांकि, अगली किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी पात्रता से जुड़ी अनिवार्य शर्तें पूरी कर ली हैं।

PM Kisan 23rd Installment Update

PM Kisan: कब जारी होगी 23वीं किस्त?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच जारी होने की प्रबल संभावना है। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी सटीक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन चुनावी और पेमेंट सर्क्ल को देखते हुए उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक किसानों के खाते में पैसा पहुंचना शुरू हो सकता है।

खेती में हो रहा है पैसे का सदुपयोग

हालिया सर्वे रिपोर्टों के मुताबिक, लगभग 90 प्रतिशत किसान इस राशि का उपयोग सीधे तौर पर खेती से जुड़े कार्यों में कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में सुधार हुआ है, बल्कि संकट के समय उन्हें कर्ज लेने की जरूरत भी कम पड़ती है। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने स्टेटस चेक करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और वॉयस चैटबॉट जैसी सुविधाएं भी दी हैं।

PM Kisan Yojana: इन 3 गलतियों से अटक सकता है आपका पैसा

अगर आप चाहते हैं कि बिना किसी रुकावट के 2,000 रुपये आपके खाते में आएं, तो इन तीन कामों को तुरंत पूरा करें:

  • e-KYC अनिवार्य: बिना ई-केवाईसी के अगली किस्त पोर्टल द्वारा रोक दी जाएगी। इसे पीएम किसान पोर्टल या नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र से पूरा किया जा सकता है।
  • आधार-बैंक अकाउंट लिंकिंग: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और डीबीटी (DBT) विकल्प इनेबल है।
  • भू-लेख अंकन (Land Records): आपके जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन (Land Seeding) होना जरूरी है। अगर रिकॉर्ड में कोई विसंगति है, तो तुरंत लेखपाल या कृषि विभाग से संपर्क करें।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: PM Kisan eKYC Update: अगली किस्त चाहिए? तो फोन से ऐसे करें फेस ऑथेंटिकेशन, OTP की भी नहीं है जरुरत



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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट


Business

oi-Pallavi Kumari

Petrol Diesel Price Hike: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। देश की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल के दाम में ₹5.30 प्रति लीटर तक और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब मिडिल ईस्टर में तनाव और सप्लाई संकट गहराता जा रहा है। ईरान जंग का असर अब भारत में भी दिखने लगा है।

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते टकराव ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिला दिया है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की स्टॉक प्रभावित हुई है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल के दाम धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे हैं।

Petrol Diesel Price Hike

नायरा एनर्जी, जो रूस की कंपनी Rosneft के सपोर्ट से चलती है, भारत के करीब 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है। कंपनी ने बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। प्राइवेट कंपनियों को सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती, जबकि सरकारी कंपनियां नुकसान होने पर भी कीमतें स्थिर रख सकती हैं। ऐसे में लगातार घाटे के चलते नायरा को दाम बढ़ाने पड़े।

आपके शहर में क्या है पेट्रोल और डीजल के दाम?

VAT और स्थानीय टैक्स के कारण हर राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फर्क देखने को मिल रहा है। कुछ जगह पेट्रोल की कीमत ₹5.30 तक बढ़ी है। हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.46 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जो देश के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा है। वहीं मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी पेट्रोल ₹100 के पार बना हुआ है।

देश के 20 बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट (26 मार्च 2026)

शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
हैदराबाद 107.46 95.70
कोलकाता 105.41 92.76
मुंबई 103.54 90.10
बेंगलुरु 102.92 89.45
भुवनेश्वर 101.19 91.05
चेन्नई 100.80 92.39
गुरुग्राम 95.57 88.45
नोएडा 95.16 88.32
नई दिल्ली 94.77 87.67
चंडीगढ़ 94.30 82.45
जयपुर 96.20 89.10
लखनऊ 95.50 88.70
पटना 105.20 92.10
अहमदाबाद 96.42 91.30
पुणे 103.90 90.50
नागपुर 102.30 89.90
इंदौर 97.10 90.00
सूरत 95.90 90.20
रायपुर 102.50 94.20
भोपाल 97.50 90.80

पेट्रोल पंप पर भीड़ क्यों? (Fuel Panic Buying)

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंप पर भीड़ बढ़ गई है। लोग फ्यूल की कमी की आशंका में गाड़ियों में फुल टैंक करवा रहे हैं। एलपीजी संकट की खबरों ने भी इस डर को बढ़ा दिया है। हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन दबाव जरूर बढ़ा है। हालांकि सरकार ने कहा है कि फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। सरकान ने पैनिक होकर पेट्रोल और डीजल स्टॉक करने से मना किया है।

35 दिन बंद होगी बड़ी रिफाइनरी! क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर पड़ेगा असर?

भारत की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी ने अप्रैल की शुरुआत से करीब 35 दिनों के लिए अपनी रिफाइनरी बंद करने की योजना बनाई है। यह शटडाउन मेंटेनेंस के लिए होगा, लेकिन इसका असर सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं रह सकता। जानकारों के मुताबिक, इस बंदी से देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 8% हिस्सा कुछ समय के लिए ऑफलाइन हो जाएगा। यानी सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है।

गुजरात के वाडिनार में स्थित यह रिफाइनरी देश की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी मानी जाती है, जिसकी क्षमता करीब 20 मिलियन टन प्रति वर्ष है। असल में इस मेंटेनेंस को पहले ही किया जाना था, लेकिन यूरोपीय यूनियन के प्रतिबंधों के कारण इसे टाल दिया गया था। उस समय कई यूरोपीय सप्लायर्स ने केमिकल और कैटेलिस्ट देने से इनकार कर दिया था। अब जब तैयारी पूरी हो गई है, तो कंपनी ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम का समय काफी अहम है। ईरान-इजरायल में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पहले से ही तेल और गैस की सप्लाई दबाव में है। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और LPG के आयात में पहले ही गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में रिफाइनरी का बंद होना सप्लाई को और टाइट कर सकता है।

क्या पेट्रोल-डीजल की कमी होगी? (Will There Be Fuel Shortage?)

फिलहाल कंपनी का कहना है कि उसके पास पर्याप्त स्टॉक और बफर मौजूद है, जिससे पेट्रोल पंपों पर सप्लाई जारी रहेगी और कोई बड़ी दिक्कत नहीं होगी। लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्थिति इतनी आसान भी नहीं है। एक बड़े रिफाइनरी के बंद होने और आयात में कमी के चलते घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

नायरा एनर्जी की रिफाइनरी का बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार में ही खपता है। इसके अलावा कंपनी का नेटवर्क करीब 7,000 पेट्रोल पंपों तक फैला हुआ है। कुछ उत्पादन सरकारी कंपनियों को भी दिया जाता है, क्योंकि वे खुद जितना उत्पादन करती हैं, उससे ज्यादा फ्यूल बेचती हैं। ऐसे में इस रिफाइनरी की भूमिका और भी अहम हो जाती है।

ग्लोबल कीमतें बढ़ीं, कंपनियों पर दबाव (Rising Global Prices)

दुनियाभर में पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ रही हैं। लेकिन भारत में लंबे समय तक रिटेल कीमतें स्थिर रखी गईं, जिससे कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। अब कच्चे तेल की खरीद महंगी हो रही है और मुनाफा घट रहा है, जिससे कंपनियों के लिए कीमतें कंट्रोल करना मुश्किल हो गया है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ईरान-अमेरिका तनाव लंबा चला और सप्लाई बाधित रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। फिलहाल हालात सामान्य दिख रहे हैं, लेकिन बाजार पूरी तरह ग्लोबल घटनाओं पर निर्भर है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ एक आर्थिक खबर नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का सीधा असर है। Nayara Energy का यह फैसला आने वाले दिनों में और बड़ी हलचल का संकेत दे रहा है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह बढ़ोतरी यहीं थमेगी या आम आदमी को और महंगे फ्यूल का सामना करना पड़ेगा।



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Ghaziabad DM का बड़ा आदेश: 28 मार्च को बंद रहेंगे सभी स्कूल, घर से ऑनलाइन पढ़ाई! क्या है वजह और पूरी गाइडलाइन


इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू



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चिलचिलाती धूप से पहले देख लें भारत के ये ‘स्प्रिंग डेस्टिनेशन’, खूबसूरती ऐसी..


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Best Spring Destinations : अगर आप अपनी यात्रा के दौरान प्रकृति के सबसे शानदार नज़ारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपको अप्रैल की अपनी यात्रा योजना में भारत के इन शानदार वसंत उत्सवों को जरूर शामिल करना चाहिए.

Best Spring Destinations : अप्रैल भारत भर में घूमने के लिए सबसे जादुई महीनों में से एक है. जैसे-जैसे सर्दियां खत्म होती हैं और गर्मियां पूरी तरह से शुरू नहीं हुई होतीं, देश अपने कुछ सबसे खूबसूरत प्राकृतिक नज़ारों के साथ रंगों से भर उठता है. पहाड़ों में खिलने वाले नाज़ुक फूलों से लेकर घाटियों में होने वाले रंग-बिरंगे फूलों के त्योहारों तक, यह एक ताज़गी भरी वसंत यात्रा की योजना बनाने का सबसे सही समय है. ऐसे में, अगर आप अपनी यात्रा के दौरान प्रकृति के सबसे शानदार नज़ारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपको अप्रैल की अपनी यात्रा योजना में भारत के इन शानदार वसंत उत्सवों को निश्चित रूप से शामिल करना चाहिए…

These Spring Festivals Will Make You Book An April Trip Instantly

एप्रिकॉट ब्लॉसम फेस्टिवल, लद्दाख: लद्दाख के ऊंचे पहाड़ों वाले गाँवों में छिपा, एप्रिकॉट ब्लॉसम फेस्टिवल भारत के सबसे कम चर्चित लेकिन बेहतरीन वसंत अनुभवों में से एक है. Turtuk, Tyakshi और Skurbuchan जैसे खूबसूरत गांवों में मनाया जाने वाला यह त्योहार, एप्रिकॉट के पेड़ों के खिलने का जश्न मनाता है. ये पेड़ पूरे इलाके को सफ़ेद और गुलाबी रंगों की हल्की छटा से ढक देते हैं. अप्रैल में यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा होता है, क्योंकि लद्दाख का ऊबड़-खाबड़ और वीरान सा दिखने वाला नज़ारा, फूलों से भरे एक सपनों जैसे स्वर्ग में बदल जाता है. फूलों के अलावा, यह त्योहार पारंपरिक संगीत, नृत्य प्रदर्शन और स्थानीय खान-पान के ज़रिए वहाँ की स्थानीय संस्कृति की झलक भी दिखाता है.

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रोडोडेंड्रोन ब्लॉसम, सिक्किम: अगर आपको हरी-भरी हरियाली और चटकीले रंग पसंद हैं, तो सिक्किम में रोडोडेंड्रोन के फूलों का खिलना एक ऐसा नज़ारा है जिसे आपको बिल्कुल भी नहीं छोड़ना चाहिए. अप्रैल में, जंगल और पहाड़ों की ढलानें चमकीले लाल, गुलाबी और सफ़ेद रंग के रोडोडेंड्रोन फूलों से जीवंत हो उठती हैं; खासकर Yumthang घाटी और Barsey रोडोडेंड्रोन अभयारण्य जैसे इलाकों में.

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अक्सर “पूरब की फूलों की घाटी” कहे जाने वाले Yumthang में, विशेष रूप से एक ऐसा मनमोहक नज़ारा देखने को मिलता है जहां खिलते हुए रोडोडेंड्रोन के फूल दूर-दूर तक फैले होते हैं. यहां का ठंडा मौसम, पहाड़ों की ताज़ी हवा और खूबसूरत नज़ारे इसे अप्रैल में घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह बनाते हैं.

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ट्यूलिप फेस्टिवल, जम्मू और कश्मीर: भारत के वसंत त्योहारों की कोई भी सूची, श्रीनगर में होने वाले ट्यूलिप फेस्टिवल के बिना अधूरी है. मशहूर इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में आयोजित होने वाला यह त्योहार, आंखों को सुकून देने वाला एक शानदार नज़ारा होता है, जिसमें लाखों ट्यूलिप के फूल अलग-अलग तरह के खूबसूरत रंगों में खिले होते हैं.



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RCB के बिकने पर क्यों खुश हैं सानिया मिर्जा? ऐसा सच जिसके बारे में नहीं जानते लोग


Cricket

oi-Naveen Sharma

Sania Mirza: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के मालिकाना हक में हुए ऐतिहासिक बदलाव ने क्रिकेट जगत के साथ-साथ बिजनेस की दुनिया में भी तहलका मचा दिया है। टाइम्स ग्रुप और बिड़ला ग्रुप ने मिलकर इस दिग्गज फ्रेंचाइजी को 16,700 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रिकॉर्ड कीमत पर खरीद लिया है।

इस बड़ी डील के बाद आर्यमन बिड़ला को टीम का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है, लेकिन इस पूरी व्यावसायिक गहमागहमी के बीच भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की प्रतिक्रिया ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सानिया मिर्जा ने आरसीबी के नए मालिकों का जिस तरह से स्वागत किया और अपनी खुशी जाहिर की, उसने फैंस के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

sania mirza

Sania Mirza क्यों हो रही हैं खुश?

अक्सर लोग यह सोच रहे हैं कि एक टेनिस खिलाड़ी होने के नाते सानिया का इस करोड़ों की डील से क्या लेना-देना हो सकता है? लेकिन इस खुशी के पीछे का असली राज टीम के नए मैनेजमेंट और सानिया मिर्जा के निजी रिश्तों में छिपा है। दरअसल, टीम के चेयरमैन आर्यमन बिड़ला के साथ-साथ उनकी बहन अनन्या बिड़ला भी अब इस फ्रेंचाइजी की मालकिन बन गई हैं। चूंकि दोनों भाई-बहन हैं और बिड़ला साम्राज्य का अभिन्न हिस्सा हैं, इसलिए आरसीबी की कमान अब सीधे तौर पर इन दोनों के हाथों में है। सानिया मिर्जा की इस खुशी की सबसे बड़ी वजह यही अनन्या बिड़ला हैं।

सानिया और अनन्या की पुरानी दोस्ती

बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि सानिया मिर्जा और अनन्या बिड़ला के बीच सालों पुरानी और बेहद गहरी दोस्ती है। इन दोनों दिग्गजों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है और सोशल मीडिया पर इनके वीडियो व फोटोज अक्सर वायरल होते रहते हैं। जब सानिया की इतनी करीबी दोस्त दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग की एक प्रीमियम टीम की मालकिन बनीं, तो सानिया का गदगद होना लाजमी था। अपनी इसी खुशी और गर्व को जाहिर करने के लिए सानिया ने इंस्टाग्राम पर एक खास स्टोरी पोस्ट की, जिसमें उन्होंने अनन्या बिड़ला पर फख्र जताते हुए उन्हें टीम खरीदने की बधाई दी।

सहेली की कामयाबी का जश्न

सानिया मिर्जा की यह खुशी पेशेवर न होकर पूरी तरह से व्यक्तिगत और दोस्ती से प्रेरित है। जहां दुनिया इस डील को सिर्फ आंकड़ों और बिजनेस के नजरिए से देख रही है, वहीं सानिया इसे अपनी सहेली की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देख रही हैं। सोशल मीडिया पर अनन्या के लिए सानिया का यह पब्लिक सपोर्ट यह साफ करता है कि ग्लैमर और खेल की दुनिया के ये दो बड़े सितारे एक-दूसरे की सफलता का कितना सम्मान करते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि सानिया की दोस्त अनन्या के नेतृत्व में आरसीबी का यह नया सफर कैसा रहता है।



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कश्मीर में ईरान के लिए ₹18 करोड़ चंदा जुटाया गया: बड़गाम जिला सबसे आगे, सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल की आशंका




कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करोड़ों रुपए का चंदा जुटाया गया है। इससे देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। आशंका है कि इन पैसों का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 17.91 करोड़ रुपए चंदा जुटाया गया है। इनमें से 85% राशि शिया समुदाय ने दान की है। कश्मीर का बड़गाम शिया बहुल इलाका है। यहां से करीब 9.5 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। यह फंडरेजिंग अभियान जकात और सदका के जरिए लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष से प्रभावित ईरानी नागरिकों की मदद करना बताया गया है। ईरानी दूतावास ने बैंक अकाउंट और क्यूआर कोड शेयर किया सूत्रों के मुताबिक भारत में ईरानी दूतावास ने सीधे पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक विशेष बैंक अकाउंट भी खोला है, जिसमें UPI के जरिए भुगतान की सुविधा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि चंदे की राशि और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सीधे दूतावास के आधिकारिक माध्यमों से ही पैसा भेजें, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि पहले भी चैरिटी के नाम पर जुटाए गए फंड के दुरुपयोग के मामले सामने आ चुके हैं। खुफिया एजेंसियों ने फंड की निगरानी बढ़ाई
खुफिया एजेंसियां फंड की निगरानी कर रही हैं। उनका कहना है कि चंदे का कुछ हिस्सा गलत हाथों में जा सकता है या उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। अधिकारियों ने माना कि लोगों की भावना सही हो सकती है, लेकिन बिचौलिये और बिना सत्यापन वाले संगठन पारदर्शिता को प्रभावित कर सकते हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ शिया धार्मिक नेता और संगठन विभिन्न गतिविधियों के लिए ईरान से आर्थिक सहायता प्राप्त करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त निगरानी न होने पर इस तरह के फंड का इस्तेमाल राजनीतिक या अन्य गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।



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कश्मीरियों ने ईरान की मदद के लिए ₹18करोड़ चंदा जुटाया: बड़गाम जिला सबसे आगे: सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल की आशंका




कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करोड़ों रुपए का चंदा जुटाने मामले में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इनको आशंका है कि इस पैसे का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 17.91 करोड़ रुपए चंदा जुटाया गया है, इनमें से 85% राशि शिया समुदाय ने दान की है। कश्मीर का बडगाम शिया बहुल इलाका है। यहां से करीब 9.5 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। यह फंडरेजिंग अभियान जकात और सदका के जरिए लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष से प्रभावित ईरानी नागरिकों की मदद करना बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक भारत में ईरानी दूतावास ने सीधे पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक विशेष बैंक अकाउंट भी खोला है, जिसमें UPI के जरिए भुगतान की सुविधा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि चंदे की राशि और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सीधे दूतावास के आधिकारिक माध्यमों से ही पैसा भेजें, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि पहले भी चैरिटी के नाम पर जुटाए गए फंड के दुरुपयोग के मामले सामने आ चुके हैं। खुफिया एजेंसियां फंड की निगरानी बढ़ाई
खुफिया एजेंसियां फंड की निगरानी कर रही हैं। उनका कहना है कि चंदे का कुछ हिस्सा गलत हाथों में जा सकता है या उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। अधिकारियों ने माना कि लोगों की भावना सही हो सकती है, लेकिन बीच में काम कर रहे बिचौलिये और बिना सत्यापन वाले संगठन पारदर्शिता को प्रभावित कर सकते हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ शिया धार्मिक नेता और संगठन विभिन्न गतिविधियों के लिए ईरान से आर्थिक सहायता प्राप्त करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त निगरानी न होने पर इस तरह के फंड का इस्तेमाल राजनीतिक या अन्य गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।



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अप्रैल में दुनिया के इन 7 जगहों पर जरूर जाएं, खूबसूरती देख मोहित हो जाएंगे आप!


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Top 7 Destinations : अप्रैल का महीना दुनिया के कई हिस्सों में वसंत के आगमन का संकेत देता है. कुछ जगहों पर चेरी के फूल खूब खिलते हैं, तो वहीं सुहावनी धूप समुद्र तटों की खूबसूरती को और भी बढ़ा देती है. ऐसे में अगर आप अपनी अप्रैल की छुट्टियों को यादगार बनाना चाहते हैं, तो इन जगहों पर जरूर जाएं.

बेलाजियो: “लेक कोमो का मोती” कहे जाने वाला बेलाजियो, लेक के सुंदर मोड़ पर बसा है. यहां की चट्टानें, पत्थरों से बनी मूर्तियों में घूमें, जहां रेशम के अवशेष और चमेली की रचना वाले विला हैं. इसके विश्व-क्लासिक बगीचे और झील के किनारे के नज़ारे, आपके इटली के रोमांचक सफ़र की शुरुआत के लिए बेहतरीन लक्जरी अनुभव देते हैं.

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वेरेना: झील के दूसरी ओर, वेरेना अधिक रोमांटिक और शांत मोर देता है. लेक के ऊपर बने “लवर्स प्रोमेनेड” पर सिलिकॉन और विला मोनास्टरो के पेड़-पौधों के अजूबों को देखें. कास्टेलो डि वेज़ियो तक की खड़ी कहानी के बाद आपको चारों ओर के शानदार नज़ारे देखने को मिलेंगे.

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मिलान: इटली की फ़ैशन राजधानी, मिलान, आधुनिक ऊर्जा और ऐतिहासिक शान से भरपूर है. यहां के नुकीले गोथिक डुओमो को देखें या दा विंची की प्रसिद्ध पेंटिंग “द लास्ट सपर” को देखें. गर्मियों में, शाम के समय जब सूरज ढल रहा होता है, तो नवगली नहरों के किनारे के स्थानीय लोग बाहर “एपेरिटिवो” (शाम का नाश्ता) का मजाक उड़ाते हुए दिखाई देते हैं.

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पर्मा: एक तीर्थस्थल के रूप में पर्यटकों के शौकीनों के लिए पर्मा, पार्मिगियानो रेजियानो चीज़ और प्रोसियुट्टो का जन्मस्थान है. इसके अलावा, यह शहर गुलाबी संगमरमर की वास्तुकला और शानदार ओपेरा हाउस से भी जगमगाता है; यह एमिलिया-रोमाग्ना के बीचों-बीच एक शांत और कम भीड़-भाड़ वाला, शानदार गौरव है.

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मोडेना: अपने बेहतरीन बाल्सामिक सिर्के और तेज़ रफ़्तार फेरारी इंजनों के लिए प्रसिद्ध मोडेना, पुराने साहस और रोमांच का एक अनूठा मेल है. रोमनस्क्यू कैथेड्रल (जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है) जाने से पहले, यहां के भविष्य की झलक देखने वाले एंज़ो फेरारी संग्रहालय को जरूर देखें; इसके बाद पियाज़ा ग्रांडे में आराम से दो के खाने का मज़ा लें.

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बोलोग्ना: बोलोग्ना का भव्य दिल, मीलों तक महान शहीद मेहराबदार गैलरी (पोर्टिकोस) से जाना जाता है. लाल टाइलों वाली छतों के नज़ारे देखने के लिए असिनेली टॉवर पर चढ़ें, और किसी जीवंत छत वाले रेस्तरां में जाकर असली “टैगलीटेल अल रागु” का स्वाद लें.

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फ्लोरेंस: पुनर्जागरण (पुनर्जागरण काल) का अनुयायी कहे जाने वाला फ्लोरेंस, एक खुला-हवादार संग्रहालय है. गर्मियों की सुबह, तेज गर्मी शुरू होने से पहले उफीजी गैलरी में समय बिताया, और फिर पोंटे वेक्चिओ पुल पार करें. अपने दिन का समापन पियाजेल माइकलएंजेलो पर करें, जहां से अरनो नदी का खूबसूरत नजारा दिखता है.



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