लखनऊ. राजधानी लखनऊ को हिला देने वाले चर्चित शिवा शर्मा संदिग्ध मर्डर केस में बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है. इस कांड के बाद फरार चल रही है मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबेको यूपीएसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश भी पकड़ा है. इन लोगों से भी पुलिस पूछताछ करेगी. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स प्रमुख अमिताभ यश ने कहा है कि एक संयुक्त और गोपनीय ऑपरेशन के तहत इन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. लखनऊ लाने की प्रक्रिया शुरू है. इस गिरफ्तारी के बाद अब यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीमें तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की तैयारी कर रही हैं, जिसके बाद पूछताछ का दौर शुरू होगा.
शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी. उनकी मां रंजना शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने श्रद्धा दुबे समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था. पुलिस की जांच में श्रद्धा, उनकी बहन और ड्राइवर की कथित गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठे. तीनों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए गए और उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया गया था.
लखनउ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने से कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी. .
श्रद्धा दुबे से पूछताछ कब शुरू होगी?
गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण बेहद अहम होगा, क्योंकि पुलिस को घटना के समय फ्लैट में मौजूद लोगों, शिवा और श्रद्धा के संबंधों, मौत से पहले की घटनाओं और कथित तौर पर फरार रहने के दौरान तीनों की गतिविधियों की कड़ियां जोड़नी हैं. हालांकि, पूछताछ में क्या सामने आएगा, यह अभी कहना संभव नहीं है. पूछताछ शुरू होने की सटीक तारीख और समय की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि तीनों आरोपियों को लखनऊ कब लाया जाता है और अदालत से पुलिस को हिरासत में पूछताछ की अनुमति कब मिलती है.
क्या पूछताछ में महिला पुलिस अधिकारी भी रहेंगी?
श्रद्धा दुबे महिला आरोपी हैं, इसलिए पूछताछ के दौरान महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी और महिलाओं से पूछताछ से जुड़े कानूनी सुरक्षा प्रावधान महत्वपूर्ण होंगे. महिला आरोपी होने से यह अपने आप तय नहीं होता कि हर पूछताछ में केवल महिला अधिकारी ही शामिल होंगी. पुलिस को लागू कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.
श्रद्धा दुबे अपनी बहन और बॉयफ्रेंड के साथ फरार, लावारिस हालत में मिली कार.
शिवा की मौत से पहले फ्लैट में क्या-क्या हुआ?
9 अक्टूबर की शाम फ्लैट में क्या हुआ था? पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शिवा शर्मा के चौथी मंजिल से गिरने से पहले फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था, घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा और किस समय क्या हुआ. बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश की क्या भूमिका थी? पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि घटना के समय दोनों कहां थे, उन्होंने क्या देखा और घटना के बाद शिवा को अस्पताल पहुंचाने तथा पुलिस को सूचना देने में उनकी क्या भूमिका रही. नेपाल और नागपुर तक पहुंचने की कहानी क्या है? जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि तीनों घटना के बाद कहां-कहां गए, किसने उनकी मदद की और क्या वे गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे. मोबाइल, चैट और वायरल ऑडियो-वीडियो में क्या है? पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, संदेश, सीसीटीवी और सामने आए ऑडियो-वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर सकती है. यह भी देखना होगा कि रिकॉर्डिंग घटना से पहले की हैं या बाद की और क्या वे स्वतंत्र साक्ष्यों से मेल खाती हैं.
क्या शिवा की मौत हादसा थी, आत्महत्या या हत्या?
यही जांच का केंद्रीय सवाल है. श्रद्धा ने वायरल वीडियो में अपनी बेगुनाही का दावा किया था और शिवा की मौत को आत्महत्या बताया था. दूसरी ओर, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी और बयानों के आधार पर इन दावों की जांच करनी होगी.
शिवा शर्मा केस की पूरी टाइमलाइन: 9 से 20 अक्टूबर तक
9 अक्टूबर: शिवा शर्मा की मौत– लखनऊ के हजरतगंज इलाके में अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 27–28 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हुई. शुरुआती जांच में मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे.
10 अक्टूबर: हत्या का मुकदमा दर्ज– शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत के आधार पर श्रद्धा दुबे, उनकी बहन और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज जुटाने लगी.
13–14 अक्टूबर: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उठे सवाल– रिपोर्ट में शरीर पर 11 बाहरी चोटों और कई गंभीर अंदरूनी चोटों का उल्लेख सामने आया. दोनों फेफड़ों, लिवर और तिल्ली को नुकसान तथा अंदरूनी रक्तस्राव की जानकारी रिपोर्ट में बताई गई. हालांकि, पोस्टमार्टम अपने आप यह साबित नहीं करता कि शिवा को धक्का दिया गया था या उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई.
14–16 अक्टूबर: तलाश, इनाम और वायरल वीडियो– पुलिस ने आरोपियों की जानकारी देने पर इनाम घोषित किया. इस दौरान श्रद्धा के वीडियो और शिवा से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आईं. श्रद्धा ने वीडियो में आरोपों से इनकार किया. पुलिस को इन रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और संदर्भ की जांच करनी थी.
17 अक्टूबर: गैर-जमानती वारंट जारी– श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने की खबर आई. पुलिस नेपाल तक उनकी तलाश में संपर्क और छानबीन कर रही थी.
18–19 अक्टूबर: इनाम बढ़ा, पुलिस अधिकारियों में बदलाव– श्रद्धा और अन्य आरोपियों की तलाश तेज हुई. श्रद्धा की गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये किए जाने की खबर आई. जांच की गति और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवालों के बीच कुछ अधिकारियों के तबादले भी हुए.
20 अक्टूबर: नागपुर से गिरफ्तारी– यूपी एसटीएफ और संबंधित पुलिस टीमों की कार्रवाई में श्रद्धा दुबे को नागपुर से गिरफ्तार किए जाने की सूचना सामने आई. उनकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को भी पकड़े जाने की खबर है. अब जांच का अगला चरण पूछताछ और अदालत से पुलिस रिमांड की प्रक्रिया है.
इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है. रिपोर्ट में कई बाहरी और अंदरूनी चोटों का उल्लेख है. डॉक्टरों ने मौत की वजह गंभीर चोटों से उत्पन्न सदमे और रक्तस्राव को बताया. लेकिन चोटों का विवरण अकेले यह तय नहीं करता कि शिवा को किसी ने धक्का दिया, वह खुद गिरे या कोई अन्य परिस्थिति थी. इसलिए पुलिस के लिए घटनास्थल का पुनर्निर्माण, अपार्टमेंट के सीसीटीवी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मोबाइल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्य को एक साथ देखना जरूरी होगा. श्रद्धा के बयान को भी इन स्वतंत्र साक्ष्यों से मिलाकर परखा जाएगा.