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The Bonus Market Update: क्रूड में गिरावट व आईटी शेयरों में तेजी से सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा, जानें निफ्टी का हाल


भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को चौतरफा खरीदारी के चलते शानदार रौनक देखने को मिली। दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में आई भारी लिवाली और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट के कारण दोनों मुख्य घरेलू सूचकांक रिकॉर्ड मजबूती के साथ बंद हुए।

गुरुवार को कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सूचकांक सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,502.12 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 169.86 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की मजबूती दिखाते हुए 24,175.70 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के सेंटिमेंट को एक नया बूस्ट दिया है। रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले 24 पैसे कमजोर होकर 95.40 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ।

बाजार की इस बड़ी तेजी के पीछे क्या मुख्य वजह रही?

इस सुधार और तेजी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट रही। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गईं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में यह गिरावट घरेलू बाजार के लिए राहत लेकर आई है। तेल सस्ता होने से विभिन्न उद्योगों की लागत घटने की उम्मीद जगी, जिससे निवेशकों का भरोसा बाजार पर बढ़ा और लिवाली शुरू हो गई।

आईटी सेक्टर ने किस तरह बाजार को रफ्तार दी और कौन से शेयर चमके?

गुरुवार के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर बाजार की तेजी का सबसे बड़ा अगुआ साबित हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.5 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ बंद हुआ, जो पूरे बाजार का सबसे शानदार प्रदर्शन था। इसके बाद निफ्टी मिडकैप आईटी इंडेक्स में भी जोरदार खरीदारी देखी गई। व्यक्तिगत शेयरों में आईटी दिग्गज एचसीएल टेक का शेयर 5 प्रतिशत की शानदार उछाल के साथ सबसे आगे रहा, जबकि बजाज फिनसर्व के शेयरों में भी तीन प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई।

अन्य सेक्टर्स का प्रदर्शन कैसा रहा और किसे नुकसान उठाना पड़ा?

गुरुवार को बाजार का सेक्टोरल रुझान बेहद सकारात्मक और व्यापक रहा। आईटी के अलावा अन्य प्रमुख सेक्टर्स ने भी बाजार की इस रैली में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।


  • मजबूत बढ़त वाले सेक्टर्स: मेटल (धातु), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (उपभोक्ता वस्तुएं) और केमिकल (रसायन) सेक्टर्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे इनके सूचकांक भी हरे निशान में बंद हुए ।

  • गिरावट वाला सेक्टर: पूरे बाजार में केवल मीडिया ही एकमात्र ऐसा सेक्टर रहा, जिसके सूचकांक में मामूली गिरावट दर्ज की गई और वह लाल निशान में बंद हुआ।

वैश्विक बाजारों की चाल कैसी रही और इसका घरेलू बाजार पर क्या असर दिखा?

घरेलू बाजार की इस तेजी को मजबूत वैश्विक संकेतों से भी अच्छा सहारा मिला। दुनिया के प्रमुख बाजारों में सकारात्मक रुझान देखा गया:


  • एशियाई बाजार: जापान का टोपिक्स एक प्रतिशत बढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 1.7 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ बंद हुआ । हालांकि, चीन के शंघाई कम्पोजिट में 0.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 सूचकांक सपाट रहा।

  • अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजार: अमेरिकी सूचकांक S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जबकि यूरोप का यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी 0.2 प्रतिशत मजबूत हुआ।

आगे बाजार के लिए क्या संकेत मिल रहे हैं?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी सेक्टर में मजबूत संस्थागत खरीदारी इस बात का संकेत दे रही है कि बाजार अपनी पिछली सुस्ती से उबर रहा है। आईटी कंपनियों में लिवाली का यह दौर दर्शाता है कि निवेशकों को टेक सेक्टर की वैल्यूएशन पर पूरा भरोसा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी रहती हैं, तो आगामी कारोबारी सत्रों में भी बाजार अपनी बढ़त का सिलसिला कायम रख सकता है।



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