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जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित सिवनी शराब दुकान डबल मर्डर और लूट मामले में लंबे इंतजार के बाद न्याय का अहम फैसला सामने आया है. इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, वहीं अब अदालत के निर्णय से पीड़ित पक्ष और आम लोगों को बड़ी राहत मिली है. प्रधान सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों को सख्त सजा सुनाई है.
प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग
जांजगीर-चांपा. जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित सिवनी डबल मर्डर और लूट मामले में न्याय की आसर लगाए लोगों के राहत भरी खबर है. इस केस में प्रधान सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है. इस हत्याकांड में सरकारी शराब दुकान में तैनात दो सुरक्षाकर्मियों की निर्मम हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.
मामले की सुनवाई के बाद प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने मुख्य आरोपी शिव शंकर चौहान को 4 बार आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. वहीं अन्य आरोपी कृष्णा सहिस और महिला सहयोगी मंगली सहिस को 3-3 बार आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है. अदालत के इस फैसले को गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
क्या था पूरा मामला
सिवनी गांव की सरकारी शराब दुकान में तैनात सुरक्षाकर्मी यदुनंद और जय कुमार 4 नवंबर 2023 को रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर थे. चोरों ने शराब की दुकान में घुसकर दोनों सुरक्षा कर्मी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और इसके बाद लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था. इस सनसनीखेज घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था.
आरोपियों ने पहले दोनों सुरक्षाकर्मियों पर लोहे के टंगिया से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी. वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने शराब दुकान का ताला तोड़ा और अंदर रखी नकदी चोरी कर फरार हो गए थे. इस कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने 7 लाख से ज्यादा मोबाइल लोकेशन ट्रेस की और 100 से ज्यादा संदेहियों से पूछताछ की.
किसी मिली सबसे ज्यादा आजीवन कारावास की सजा
भारत में कई मामलों में अदालतों ने एक ही आरोपी को कई बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं. लेकिन सबसे चर्चित देवेन्द्र पाल सिंह भुल्लर का है, जिन्हें 1993 दिल्ली बम धमाके मामले में अदालत ने कई बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
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