नई दिल्ली17 मिनट पहले
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दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू किया गया है। इसके पहले दिन रविवार शाम 5 बजे तक नियम तोड़ने वालों पर कुल 68.4 लाख रुपए का जुर्माना और पर्यावरण मुआवजा लगाया गया।
इस प्लान के तहत बाहर से आने वाले प्री-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक है। रविवार को 14,930 गाड़ियों की जांच की गई। इनमें से 1,539 गाड़ियों को दिल्ली बॉर्डर से वापस भेजा गया। वहीं, 127 चालान काटे गए और 62 गाड़ियां जब्त की गईं। इस कार्रवाई में 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
प्रदूषण जांच का वैध सर्टिफिकेट (PUCC) नहीं होने पर 566 वाहनों के चालान काटे गए और 56.6 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। कंस्ट्रक्शन साइट पर नियम तोड़ने के मामले में 9.8 लाख रुपए का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया।

दिल्ली के रोहिणी में सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सबसे ज्यादा 396 दर्ज किया गया।
300 निर्माण साइट्स की जांच, 32 पर कार्रवाई
प्रशासन ने कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल रोकने के नियमों की जांच की। कुल 300 साइट्स का निरीक्षण किया गया। इनमें 32 जगहों पर नियमों का उल्लंघन मिला, जिसके लिए 9.8 लाख रुपए का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया।
500 वर्गमीटर से बड़ी 91 साइट्स की जांच में 16 पर गड़बड़ी मिली। इन पर 2 बंदी आदेश और 4 नोटिस जारी किए गए। वहीं, 500 वर्गमीटर से छोटी 209 साइट्स में 17 पर नियमों का उल्लंघन मिला। इन्हें 15 बंदी आदेश और 15 नोटिस दिए गए।
कुल मिलाकर 17 बंदी आदेश और 19 नोटिस जारी किए गए। हालांकि, जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में धूल रोकने के नियमों का उल्लंघन नहीं मिला।
इसके अलावा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 493 चालान काटकर 49.3 लाख रुपए और परिवहन विभाग ने 73 चालान काटकर 7.3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
28 फरवरी तक लागू रहेंगे कई प्रतिबंध
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से वाहनों का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUCC) बनवाने और नियमों का पालन करने की अपील की।
दिल्ली में 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान के तहत कई पाबंदियां लागू हो गई हैं। इसके तहत बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियों की एंट्री पर 31 जनवरी तक रोक रहेगी। धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक इन सभी कामों पर पूरी तरह रोक रहेगी। जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय शर्तों के साथ छूट मिलेगी।
इसके अलावा, अधिकृत पार्किंग स्थलों पर 28 फरवरी तक पार्किंग शुल्क दोगुना रहेगा। सरकारी और निजी दफ्तरों में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक अधिकतम 50% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। जरूरी और आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है।
नई पाबंदियों के चलते रविवार सुबह दिल्ली-गुरुग्राम के सरहौल बॉर्डर पर NH-48 की दिल्ली जाने वाली मुख्य सड़क और सर्विस लेन पर करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
हालांकि, राहत की बात यह है कि दिल्ली में अक्टूबर के दौरान पिछले 9 साल में सबसे साफ हवा दर्ज की गई। इस महीने औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 166 रहा।
