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पुलिस के मुताबिक गिरोह ने मुंबई के एक कारोबारी को निशाना बनाया था. आरोपी उसे गोवा के मापुसा इलाके में स्थित एक किराये के विला में लेकर गए, जहां पहले से गुप्त CCTV कैमरे लगाए गए थे. इसके बाद गिरोह के सदस्य कथित तौर पर ‘NCB अधिकारियों’ के रूप में वहां पहुंचे और कारोबारी पर ड्रग्स से जुड़े मामले में फंसाने की धमकी दी. आरोप है कि आरोपीयों ने व्यापारी के साथ मारपीट की, उसे डराया-धमकाया और भारी रकम की उगाही की.
गोवा पुलिस और उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े उगाही और ब्लैकमेलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है.
गोवा पुलिस और उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े उगाही और ब्लैकमेलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है. आरोप है कि यह गिरोह खुद को दिल्ली नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) का अधिकारी बताकर व्यापारियों को डराता-धमकाता था और करोड़ों रुपये की उगाही करता था.
इस मामले में मुख्य आरोपी सलमान खान को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था. इसके बाद गोवा पुलिस की टीम ने स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून के साथ मिलकर तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया सूचना के आधार पर आरोपी सलमान खान को ट्रेस कर गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया कि आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो कथित तौर पर दिल्ली नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों का फर्जी रूप धारण कर व्यापारियों से वसूली करता था.
पुलिस के मुताबिक गिरोह ने मुंबई के एक कारोबारी को निशाना बनाया था. आरोपी उसे गोवा के मापुसा इलाके में स्थित एक किराये के विला में लेकर गए, जहां पहले से गुप्त CCTV कैमरे लगाए गए थे. इसके बाद गिरोह के सदस्य कथित तौर पर ‘NCB अधिकारियों’ के रूप में वहां पहुंचे और कारोबारी पर ड्रग्स से जुड़े मामले में फंसाने की धमकी दी. आरोप है कि आरोपीयों ने व्यापारी के साथ मारपीट की, उसे डराया-धमकाया और भारी रकम की उगाही की.
जांच के दौरान गोवा पुलिस पहले ही इस गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है. गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली की रहने वाली निवेदिता शर्मा, मोहम्मद बासित, यूपी के रहने वाले फैजान खान, जहांगीर खान, भुवन अरोड़ा निवासी हरिद्वार और यासिर खान शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार यह गैंग चार राज्यों दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और गोवा में सक्रिय था. अलग-अलग राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों ने समन्वय बनाकर एक साथ ऑपरेशन चलाया और आरोपियों को विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया.
इस पूरे गिरोह में एक महिला आरोपी की भी भूमिका सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गैंग ने अब तक कितने व्यापारियों को निशाना बनाया और उगाही के जरिए कितनी रकम वसूली गई. फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है.
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साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें



